विशाल रूप ले चुका है दुर्गा पूजन का आयोजन : इंद्रा झा

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (वेब वार्ता)। सनातन हिन्दू संस्कृति में शारदिय नवरात्र का विशेष महत्व है , सभी हिन्दू धर्म के लोग कही न कही इससे जुड़े है। पवित्र और शुद्धता के साथ इस पवित्र त्योहार को हर्षो उल्लास के साथ मानते है। मानव जीवन में समस्याओं और सामधान मेँ कोई कमी नही। पुर्वांचल भाई बहनों के लिए इस त्योहार का विशेष महत्व है। इस त्योहार के साथ ही , दीवाली, भैया दूज और छठ पूजा का आगाज हो जाता है। इस त्योहार में सभी हिन्दू भाई बहन और सनातनी धर्म को मानने वाले सभी भक्त 9 दिन तक व्रत कर माँ की पूजा आराधना कर ,परिवार में सुख ,समृद्धि और शांति से जीवन यापन की कामना करते है। दिलशाद कॉलोनी के अंतर्गत पुरानी सीमापुरी में भी पुर्वांचली भाई बहनो की जनसंख्या अधिक है। ऐसी ही एक कोशिश समाज को एक करने की और आध्यत्मिक रूप से विशेष संरक्षण और उत्साह वर्धन के लिए विजय शंकर झा के द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन शुरू किया गया , जो कि अब विशाल रूप ले चुका है और पुर्वांचल भाई बहनों को गांव की कमी नही खलती। उक्त जानकारी देते हुए दिलशाद कालोनी की निगम पार्षद इंद्रा झा बताती हैं छठी के दिन वेल नोति की प्रथा है जिसके अंतर्गत बेल के पेड़ की पूजा कर, अगले दिन उसे तोड़ा जाता है ,इसमें नियम है कि पेड़ में बेल का फल होना चाहिए और अगले दिन सुबह  सूर्योदय से पहले तोड़ा जाना चाहिए। इस बेल नोति का विशेष महत्व है। इंद्रा झा नें बताया ऐसे ही कार्यक्रम में मुझे भी जाने का सौभाग्य मिलता रहा है और बेल नोति में शामिल हो पूजा पाठ और अर्चना की। मेरे साथ भाड़ी संख्या में पुर्वांचल भाईयो और बहनों ने भाग लिया।

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