भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में तीन दिन से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म

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भोपाल, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में तीन दिन से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि डीन डॉ. जितेन शुक्ला ने आश्वस्त किया है की मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल को पत्र लिखकर जूनियर डॉक्टरों के पंजीयन रोकने संबंधी आदेश वापस लेने को कहेंगे। इस आधार पर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली है। अभी तक एसोसिएशन के पदाधिकारी रजिस्ट्रेशन रोकने के आदेश निरस्त करने संबंधी निर्णय की मांग कर रहे थे, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग के अफसरों ने साफ कह दिया था कि विशेषज्ञों की राय लेने के बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, हकीकत यह है कि कालेज प्रबंधन और सरकार ने जूनियर डॉक्टरों पर सख्ती शुरू कर दी थी। 22 डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने के नोटिस दिए गए थे। कॉलज प्रबंधन ने यह भी चेतावनी दी थी कि जूनियर डॉक्टर 24 घंटे के भीतर काम पर नहीं लौटे तो अत्यावश्यक सेवा प्रबंधन अधिनियम (एस्मा) के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही अभी हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों के मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में एमबीबीएस का पंजीयन निरस्त करने के लिए काउंसिल को पत्र लिखा जाएगा। इससे डॉक्टरों में डर हो गया। जूनियर डाक्टर का एक धड़ा कार्रवाई से डर गया था। उधर प्रदेश के अन्य पांच मेडिकल कॉलेजों जूनियर डॉक्टर भी गांधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के समर्थन में आंदोलन पर नहीं उतर रहे थे। ऐसे में मजबूरी में जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म करनी पड़ी है। इसी साल जुलाई में मानदेय बढ़ाने संबंधी मांग को लेकर जूडा की एक हफ्ते की हड़ताल में भी जूडा को कार्रवाई के डर से बैकफुट पर आना पड़ा था और हड़ताल समाप्त करनी पड़ी थी।

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