सोमवार, अप्रैल 13, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: झारखंड के जामताड़ा में आम बगान के बीच में गेंदा फूल की खेती
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - झारखंड के जामताड़ा में आम बगान के बीच में गेंदा फूल की खेती

झारखंड के जामताड़ा में आम बगान के बीच में गेंदा फूल की खेती

UB News Network
Last updated: जनवरी 5, 2026 3:27 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 3 महीना पहले
झारखंड के जामताड़ा में आम बगान के बीच में गेंदा फूल की खेती
साझा करें

रामगढ़.

कुंडहित प्रखंड के बरमसिया गांव की महिला किसान ने आम बागवानी के साथ अंतरवर्तीय‎ फसल के रूप में गेंदा फूल की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। आठ किसानों के समूह ने मिलकर 25 एकड़‎ बंजर भूमि पर बिरसा मुंडा आम बागवानी योजना के तहत बागवानी की है।

आम के पौधों के बीच खाली जगह देखकर विष्णुप्रिया मंडल ने उसमें अंतरवर्तीय फसल लगाने का‎ निर्णय लिया। गेंदा कम समय में तैयार होने वाली और अधिक मुनाफा देने वाली फसल है। इससे खरपतवार भी‎ कम होता है और बाग का वातावरण सुंदर बना रहता है। खेती शुरू करने से पहले उन्होंने कृषि विभाग व कृषक‎ मित्रों से सलाह ली।

जैविक खाद, सिंचाई और बीज चयन पर विशेष ध्यान

जैविक खाद, सिंचाई और बीज चयन पर विशेष ध्यान दिया। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही‎ महीनों में बागान गेंदे के सुनहरे फूलों से महक उठा। इतना ही नहीं, गेंदे के पौधों से कीट-पतंग भी नियंत्रित रहते हैं‎ और आम के पौधों को कोई नुकसान नहीं हुआ। गेंदे के फूलों की मांग शादी-विवाह, पूजा-अर्चना और कार्यक्रमों में‎ काफी रहती है। प्रतिदिन ग्राहक सीधे बगीचे से फूल खरीदने पहुंचते हैं। इससे गांव में रोजगार भी बढ़ा है। एक‎ अनुमान के मुताबिक दो एकड़ में हर सीजन लाखों रुपए की आमदनी संभव है। किसान बताती हैं कि पिछले वर्ष‎ भी गेंदा फूल से अच्छी आमदनी हुई थी। इस बार उन्होंने नर्सरी भी तैयार की है, जिससे अलग से कमाई हो रही है।‎ विष्णु प्रिया के साथ शेफाली मरांडी, बीरबल मरांडी, संतोष मरांडी, सुहागिनी मरांडी, आनंद मरांडी, अनिता मरांडी‎ और यशोमती मरांडी भी खेती कर रहे हैं।बरमसिया सहित आसपास के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ‎ विविध खेती की ओर बढ़ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी अंतरवर्ती खेती को आय बढ़ाने का सफल मॉडल मानते हैं।‎

अनुभव, सामूहिक प्रयास व समूह शक्ति से मिला हौसला‎

कुल आठ किसानों ने डेढ़ लाख खर्च किए। इसमें दो एकड़ इंटरक्रॉपिंग में खर्च में बीज, खाद, मजदूरी शामिल है।‎ हर सीजन 50 हजार की आमदनी संभव हो रही है। फूलों की नर्सरी से भी अतिरिक्त कमाई होती है। फूलों की‎ बिक्री से साल भर तीस हजार आय होती है। कृषि विभाग की सलाह लिया।अन्य सफल किसानों के‎ अनुभव,सामूहिक प्रयास और समूह शक्ति से हौसला मिला। कहा कि भविष्य में गुलाब, रजनीगंधा की खेती,फूल‎ प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना है।‎

कौन हैं शेफाली मरांडी‎

शेफाली मरांडी के दो संतान है 17 साल का एक पुत्र एवं 14 साल की एक पुत्री वर्तमान में दोनों पढ़ाई कर रहे हैं।‎ उनके पति भी खेती-बागवानी में सहयोग देते हैं। जब से आम की बागवानी के बीच में सीजन में गेंदा फूल की‎ व्यवसायिक खेती शुरू की, आमदनी बहुत बढ़ी है। वे क्षेत्र की दूसरे किसान और महिला कृषकों को बागवानी के‎ फायदे के बाद में बताती रहती हैं। उनके बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मां से खेती में प्रयोग करना सीख‎ रही हैं। उनका मानना है कि मेहनत व सलाह देने वाले अच्छे हो तो काम आसान हो जाता है।‎

TAGGED:BiharMarigold Cultivation
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर प्रो कुश्ती लीग 2026 में हिसार की अंतिम पंघाल बनीं सबसे महंगी भारतीय महिला पहलवा प्रो कुश्ती लीग 2026 में हिसार की अंतिम पंघाल बनीं सबसे महंगी भारतीय महिला पहलवा
अगली ख़बर हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी को भाजपा ने पंजाब विधानसभा का चुनावी माहौल बनाने की हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी को भाजपा ने पंजाब विधानसभा का चुनावी माहौल बनाने की

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?