मंगलवार, अप्रैल 14, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: रक्षा व तकनीकी गठजोड़ से भारत-जापान संबंध हुए और मजबूत, रिपोर्ट में खुलासा
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - रक्षा व तकनीकी गठजोड़ से भारत-जापान संबंध हुए और मजबूत, रिपोर्ट में खुलासा

रक्षा व तकनीकी गठजोड़ से भारत-जापान संबंध हुए और मजबूत, रिपोर्ट में खुलासा

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 15, 2026 10:47 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 2 महीना पहले
रक्षा व तकनीकी गठजोड़ से भारत-जापान संबंध हुए और मजबूत, रिपोर्ट में खुलासा
साझा करें

नई दिल्ली
एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रिश्ते अब एक नए और गतिशील दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इन संबंधों में अब सुरक्षा सहयोग और उन्नत तकनीकों में साझेदारी पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जापान फॉरवर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच वर्षों से मजबूत होते आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क से नई ऊर्जा मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भारत में जापानी निवेश में बढ़ोतरी और नवाचार व मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग से रिश्तों को नई गति मिली है। दोनों देश वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने की समान दृष्टिकोण रखते हैं।
अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान, उस समय के जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने पिछले दशक में द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “जापान और भारत, जो समान मूल्यों को साझा करते हैं, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कानून के शासन पर आधारित एक स्वतंत्र और खुले अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने और मजबूत करने की जिम्मेदारी साझा करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात अनिश्चित होते जा रहे हैं, ऐसे में दोनों देशों को क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
दोनों पक्षों ने ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप’ को और ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई। जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता एक-दूसरे की ताकत का उपयोग करते हुए भविष्य में पूरक संबंध विकसित करेंगे और आने वाली पीढ़ियों की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सामाजिक और आर्थिक मूल्यों का निर्माण करेंगे।
दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
जापान-भारत मानव संसाधन आदान-प्रदान और सहयोग एक्शन प्लान के तहत दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख लोगों के दोतरफा आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा है। इससे सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने आने वाले वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें निवेश, नवाचार, पर्यावरण, तकनीक, स्वास्थ्य, मोबिलिटी, लोगों के बीच संपर्क और राज्य-प्रांत साझेदारी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।”
हाल के घटनाक्रम इन प्रतिबद्धताओं को जमीनी स्तर पर दर्शाते हैं। भारत में जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित ‘जापान ट्रैवल फेयर 2026’ का उद्देश्य सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करना है।
एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने जापान-भारत स्ट्रैटेजिक डायलॉग के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की। नई दिल्ली स्थित जापानी दूतावास के मंत्री नोरियाकी आबे ने कहा कि क्रिकेट, जो भारत के सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा है, अब दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 21 अरब डॉलर था, जो 2026 में बढ़कर 25.17 अरब डॉलर हो गया। पिछले 25 वर्षों में जापान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रमुख स्रोत रहा है और इस दौरान लगभग 43 अरब डॉलर का निवेश किया गया है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि जापान-भारत संबंध पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर अब सुरक्षा, तकनीक और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक व्यापक साझेदारी के रूप में विकसित हो रहे हैं।

TAGGED:India-Japantop-news
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर DU विवाद में मेघा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह व्यक्तिगत समर्थन था, किसी संगठन से सं
अगली ख़बर ईशान किशन का तूफान, पाकिस्तान पस्त; टीम इंडिया ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की ईशान किशन का तूफान, पाकिस्तान पस्त; टीम इंडिया ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?