रविवार, अप्रैल 26, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: शादी भारत में, तलाक विदेश में! कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से बदली कानूनी तस्वीर
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - शादी भारत में, तलाक विदेश में! कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से बदली कानूनी तस्वीर

शादी भारत में, तलाक विदेश में! कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से बदली कानूनी तस्वीर

UB News Network
Last updated: दिसम्बर 28, 2025 3:52 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 4 महीना पहले
शादी भारत में, तलाक विदेश में! कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से बदली कानूनी तस्वीर
साझा करें

बेंगलुरु 
कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्या करते हुए कहा है कि यदि पति या पत्नी में से कोई एक विदेश में निवास कर रहा है, तो भारत में संपन्न हुई शादी के बावजूद विदेशी अदालत में तलाक के मामले की सुनवाई की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में ऐसी किसी प्रक्रिया पर पूर्ण रोक नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ ने उस मामले में दिया, जिसमें तलाक के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।
 
मामला क्या था
मामले के अनुसार, दंपती का विवाह 15 दिसंबर 2018 को कोलकाता में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। पति ने 4 सितंबर 2024 को कोलकाता की अलीपुर अदालत में तलाक की याचिका दायर की। इसके बाद 10 अक्टूबर 2024 को पत्नी ने ब्रिटेन की एक अदालत में तलाक और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का मामला दाखिल किया। पत्नी का कहना था कि वह वर्ष 2015 से ब्रिटेन में पहले छात्र वीजा और बाद में वर्क वीजा पर रह रही है, और पति-पत्नी के रूप में उनका अंतिम साझा निवास भी ब्रिटेन में ही था।

निचली अदालत का फैसला और हाई कोर्ट की दखल
ब्रिटेन की अदालत ने मई 2025 में पति को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन अलीपुर की निचली अदालत ने इस आदेश पर रोक लगा दी। निचली अदालत का मानना था कि चूंकि पति ने पहले भारत में तलाक की अर्जी दी थी और पत्नी के पास ब्रिटेन की स्थायी नागरिकता नहीं है, इसलिए विदेशी अदालत को अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस निर्णय को पलट दिया।

हाई कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां
हाई कोर्ट ने कहा कि पति ने स्वयं ब्रिटेन की अदालत में उपस्थित होकर गवाही और साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह वहां की न्यायिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल था। ऐसे में वह बाद में उस अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल नहीं उठा सकता। कोर्ट ने पति के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि ब्रिटेन में तलाक का आधार, विवाह का पूरी तरह टूट जाना, भारतीय कानून के अंतर्गत मान्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि जब वैवाहिक संबंध इस हद तक बिगड़ जाएं कि उनके सुधरने की कोई संभावना न बचे, तो इसे क्रूरता के समान माना जा सकता है और यह तलाक का वैध आधार हो सकता है।

विदेशी अदालतों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यद्यपि हिंदू विवाह अधिनियम में जिला अदालत से तात्पर्य सामान्यतः भारतीय अदालतों से है, लेकिन बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विदेशी अदालतों की सुनवाई को पूरी तरह अमान्य नहीं ठहराया जा सकता। 

TAGGED:Calcutta High Court's
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर रेलवे से टीवी तक का सफर: वंदे भारत ट्रेन के लोको पायलट ने KBC में जीते 25 लाख रेलवे से टीवी तक का सफर: वंदे भारत ट्रेन के लोको पायलट ने KBC में जीते 25 लाख
अगली ख़बर राजनीतिक घमासान तेज: इनेलो सुप्रीमो का आरोप, हुड्डा की वजह से बनी भाजपा की तीसरी राजनीतिक घमासान तेज: इनेलो सुप्रीमो का आरोप, हुड्डा की वजह से बनी भाजपा की तीसरी

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?