मेडिकल काउंसिल में पंजीयन रोकने से नाराज जूडा आज से फिर हड़ताल पर

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भोपाल, 08 सितंबर (वेब वार्ता)। मेडिकल काउंसिल में पंजीयन रोकने से नाराज प्रदेश के छह शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालयों के जूनियर डाक्टरों ने आज सुबह से फिर हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया। इनमें भोपाल के अलावा इंदौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के करीब 3000 जूनियर डॉक्‍टर शामिल हैं।

गौरतलब है कि मानदेय में बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों को लेकर जूडा ने इस साल 31 जून से छह जुलाई तक हड़ताल की थी। हड़ताल में शामिल होने से जीएमसी के तीन जूडा पदाधिकारियों का मप्र मेडिकल काउंसिल में पंजीयन रोक दिया है। जिन पदाधिकारियों का पंजीयन रोका गया है, उसमें जूडा के प्रदेश अध्यक्ष डा. अरविंद मीणा, जीएमसी जूडा अध्यक्ष डा. हरीश पाठक और शुभम चौरसिया शामिल हैं। ये तीनों अभी पीजी द्वितीय वर्ष में हैं। इनका पंजीयन रोकने के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है।

जूडा के पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे से हड़ताल शुरू कर दी है। भोपाल में जूनियर डॉक्‍टरों ने इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी हैं। जूनियर डॉक्‍टरों का कहना है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन चलता रहेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों के समक्ष कई बार हमने अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन विभाग के रवैये से स्‍पष्‍ट हो गया है कि उसे किसी बात से कोई असर नहीं पड़ता। इससे तो यही लगता है कि वह मर चुका है। यही दर्शाने के लिए हमने आज गांधी मेडिकल कॉलेज में विभाग की शव यात्रा निकाली। जूडा की हड़ताल से ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी में सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जूडा की हड़ताल से मरीजों की दिक्‍कतें बढ़ना तय है। यह तब है जबकि अस्‍पतालों में वायरल फीवर, डेंगू आदि के मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है।

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