मूर्ति रखने से सरकारी बंगले पर कब्जा नहीं हो जाता : चिराग पासवान

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वाराणसी, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सांसद चिराग पासवान ने अपने पिता राम विलास पासवान के नाम से आवंटित रहे दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में उनकी मूर्ति लगाने से जुड़े विवाद पर शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ी है। चिराग ने कहा कि बंगले में मूर्ति रखने से कोई कब्जा नहीं हो जाता है, मैं जहां भी रहूंगा वहां पर वह मूर्ति जरूर रखी जाएगी। मेरे नेता और मेरे आदर्श की मूर्ति है।

उन्होंने कहा आने वाले दिनों में देश के हर एक जिले में उनकी मूर्ति लगाई जाएगी। गाजीपुर धामूपुर में वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आये सांसद चिराग पासवान बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों बिहार में तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव से मुलाकात किए थे। वे देश में हर उस नेता से मुलाकात करेंगे जो उनके पिता स्व.राम विलास पासवान के साथ राजनीति में भी साथ रहे। पिता की बरसी (12 सितम्बर) को है। इस मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नेताओं को आमंत्रित भी कर रहे है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के वैष्णो देवी यात्रा से जुड़े सवाल पर चिराग ने कहा कि यह उनकी आस्था का विषय है, जहां उनकी आस्था हो वहां जाएं। यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश में भी मजबूत बन रही है। आने वाले दिनों में हमारी पार्टी के नेताओं के कई कार्यक्रम प्रदेश के अलग-अलग जिलों में होंगे। हम उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इसके पहले एयरपोर्ट पर चिराग पासवान के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी के बीच पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष मणिशंकर पांडेय के अगुवाई में कार्यकर्ता चिराग के साथ वाहनों के काफिले में गाजीपुर के लिए रवाना हो गये।

बताते चले, बिहार के जमुई सांसद चिराग पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान के नाम से आवंटित रहे दिल्ली स्थित सरकारी बंगले को छोड़ने के बजाय उसमें अपने पिता की प्रतिमा लगा दी है। इसको लेकर पूरे देश में विवाद छिड़ा हुआ है। ये सरकारी बंगला केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित किया गया है। चिराग पासवान अपने मां और परिवार के अन्य सदस्य के साथ इस बंगले में रहते हैं। बंगला खाली करने के लिए उन्हें दो बार नोटिस भी मिली है।

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