मुज़फ्फरनगर में अदालत के व्यवहार के विरोध में वकीलों ने दिया धरना, पुलिस ने कचहरी के सभी मुख्य द्वारों पर जड़ा ताला

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मुजफ्फरनगर, 09 सितंबर (वेब वार्ता)। जिला बार संघ व सिविल बार एसोसिएशन के आह्वान पर आज अधिवक्ताओं ने परिवार न्यायालय कोर्ट नं. 2 की कार्यशैली व पीठासीन अधिकारी के स्थानांतरण तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने परिवार न्यायालय कोर्ट नं. 2 पर धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी परिसर के सभी मुख्य प्रवेशद्वार बंद कर दिए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सुबह 10 बजे से शाम तक धरना जारी रखा। इस दौरान कोर्ट में आने-जाने वाले फरियादियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बुधवार को कचहरी में चल रहे धरने के दौरान जिला बार संघ अध्यक्ष कलीराम एडवोकेट व सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुगन्ध जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि ये धरना परिवार न्यायालय कोर्ट नं 2 की कार्यशैली के विरोध में है, जिसमें उनके द्वारा सम्मानित अधिवक्ताओं के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने न्यायालय की भर्त्सना की। उन्होंने बताया कि मंगलवार को अधिवक्ताओं ने एक आम सभा कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था कि परिवार न्यायालय कोर्ट नं. 2 के पीठासीन अधिकारी के स्थानांतरण तक बहिष्कार किया जायेगा।

आम सभा में यह भी निर्णय पारित हुआ कि न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए सिविल बार एसोसिएशन के गेट पर अधिवक्तागणों का धरना-प्रदर्शन रहेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज सभी अधिवक्ताओं ने विरोध में अपने-अपने चैंबरों के ताले बंद कर धरना स्थल पहुंच कर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि कल भी हम पूर्ण न्यायालय का विरोध करेंगे। वहीं अधिवक्ताओं द्वारा काम छोड कर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के चलते कोर्ट पहुंचे फरियादियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी परिसर के सभी मुख्य प्रवेश द्वारा बंद कर दिए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सुबह 10 बजे से शाम तक धरना जारी रखा।

धरने का संचालन जिला बार संघ महासचिव अरूण कुमार शर्मा व सिविल बार एसोसिएशन महासचिव बिजेन्द्र सिंह मलिक ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान अरूण कुमार शर्मा, कलीराम, सुगन्ध जैन व ब्रिजेन्द्र सिंह मलिक, आदेश सैनी, सतेन्द्र सिंह, रामबीर सिंह, संदीप त्यागी, विजय त्यागी समेत आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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