मायने रखता है कि हमने कैसा जीवन जिया : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ, 09 सितंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतेन्दु नाट्य अकादमी परिसर में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की जयन्ती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार आजादी के अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी समारोह की श्रृंखला के क्रम में देश की आजादी के परवानों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक हिन्दी (खड़ी बोली) के जनक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने मात्र 34 वर्ष के जीवन में अपनी कृतियों के माध्यम से हिन्दी साहित्य में एक युग अपने नाम कर लिया। भारतेन्दु ने हिन्दी भाषा को परिष्कृत करते हुए एक यथेष्ट स्थान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि जीवन में कितने दिन रहे हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि हमने कैसा जीवन जिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की यह दिव्य प्रतिमा शासन की ओर से, भारतेन्दु नाट्य अकादमी, हिन्दी भाषा के प्रति अनुराग रखने वालों व प्रदेशवासियों की ओर से भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को एक विनम्र श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर ऐसा होता है कि कोई व्यक्ति एक पक्ष को लेकर चल पाता है, लेकिन भारतेन्दु एक अच्छे वक्ता, लेखक, नाटककार, पत्रकार व कलाकार के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति व राष्ट्रभाषा के प्रति अनुपम लगाव रखने वाले व्यक्ति थे। ‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति का मूल’ इस भाव को आज हर व्यक्ति महसूस कर रहा है। प्रधानमंत्री ने 2020 में नई शिक्षा नीति घोषित की थी, जिसके मूल में मातृ भाषा के माध्यम से प्रारम्भिक शिक्षा प्रदान करना है, जिससे बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति तीव्र होगी। उन्होंने कहा कि भारतेन्दु ने एक शताब्दी पूर्व ही इस बात का उल्लेख कर दिया था कि मातृ भाषा ही हमारी उन्नति का मूल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए प्रखर राष्ट्रवाद भारतेन्दु की कृतियों में स्पष्ट रूप से नजर आता है। अपनी कृतियों से देश की आजादी के प्रति लोगों के मन में एक जज्बा पैदा करना भारतेन्दु का लेखन कौशल था। अपने नाटकों के माध्यम से उन्होंने जनमानस को सक्रिय रूप से प्रभावित करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष आजादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रदेश सरकार द्वारा इस कार्यक्रम में नई-नई मणियों को जोड़ा जा रहा है और हर पक्ष जो अछूता रह जाता था को सम्मानित किया जा रहा है।

संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ स्वतंत्रता की अलख जगाने वालों के विचारों को आगे बढ़ाने व स्थलों को सजाने संवारने जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतेन्दु ने साहित्य के माध्यम से आधुनिक हिन्दी (खड़ी बोली) को अद्यतन रूप दिया। साथ ही, स्वतंत्रता की अलख को तेज किया।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के कृतित्व से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने भारतेन्दु नाट्य अकादमी के संस्थापक निदेशक पद्मश्री राज बिसरिया, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के प्रपौत्र दीपेश चौधरी, रंगमंचकार व अभिनेता हेमेन्द्र भाटिया, उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज के निदेशक सुरेश शर्मा, लेखक व अभिनेता अतुल तिवारी को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, विधायी व न्याय मंत्री बृजेश पाठक, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम, निदेशक सूचना एवं संस्कृति शिशिर, भारतेन्दु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रवि शंकर खरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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