मनोज हत्याकांड में शामिल बीस हजार के इनामी व पुलिस के बीच मुठभेड़

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मोदीनगर, 09 सितंबर (वेब वार्ता)। मोदीनगर के गांव शाहजहांपुर में 4 सितम्बर की रात को हुई अपराधी मनोज उर्फ गुड्डू की हत्या के मामले में पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी ग्रामीण की एसओजी टीम ने एक हत्यारोपी एवं 20 हजार रुपए के ईनामी बदमाश को बुधवार देर रात मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर पकड़ा तो उसके साथी को दिन में ही गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त बाइक और हथियार बरामद हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि हत्यारोपियों ने अपने गुरु और बहन की रेप के बाद की गई नृशंस हत्या का बदला लेने के लिए मनोज की गोलियों से भूनकर हत्या की थी। प्रतिशोध में हत्यारोपियों ने मनोज को 22 गोलियां मारी और उसका शरीर छलनी कर दिया था। इस मामले में अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी भी तलाश की जा रही है।

एसपी ग्रामीण डा. ईरज राजा ने बताया कि मोदीनगर के गांव शाहजहांपुर में 4 सितम्बर की रात को मनोज उर्फ गुड्डू की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मनोज की पत्नी पूनम ने कुछ लोगों को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट और जांच पड़ताल के आधार पर पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच बुधवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर दिन में ही एक नामजद आरोपी कल्लू उर्फ निशांत को गिरफ्तार कर लिया गया।

कल्लू से पूछताछ के आधार पर उनकी एसओजी टीम अन्य हत्यारोपियों की तलाश में जुटी थी। देर रात शूटर कपिल उर्फ गांधी निवासी बेगमाबाद मोदीनगर के बारे में पुलिस को सूचना मिली। पता चला कि कपिल गदाना-शाहजहांपुर रोड से बाइक पर गुजरने वाला है। पुलिस ने वहां चेकिंग लगाकर बदमाश की घेराबंदी की तो वह पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भाग निकला। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने कपिल को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि मनोज की हत्या के मामले में नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने कपिल पर 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया था।

मनोज ने कपिल के गुरु बबलू की हत्या कर शव ट्रैक पर डाला था

एसपी ग्रामीण ईरज राजा का कहना है कि अपने गुरु शाहजहांपुर गांव निवासी बबलू की हत्या किए जाने के चलते कपिल मृतक मनोज से रंजिश रखता था। बबलू जहां कपिल का गुरु था वहीं आरोपी कल्लू उर्फ निशांत का चाचा था। हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि मनोज ने वर्ष 2018 में उसके गुरु बबलू की हत्या कर दी थी। शातिर अपराधी मनोज ने हत्या को ट्रेन हादसे में तब्दील करने के लिए बबलू के शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। जिससे बबलू के शव के चिथड़े चिथड़े हो गए थे। अपने गुरु और चाचा की नृशंस हत्या का बदला लेने के लिए कपिल और कल्लू बीते तीन सालों से मनोज की हत्या की फिराक में थे।

फरार साथी की बहन को रेप के बाद उतार दिया था मौत के घाट

पुलिस पूछताछ में हत्यारोपियों ने बताया कि मनोज ने करीब 20 साल पहले उनके फरार साथी की बहन के साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि दुष्कर्म के बाद बेरहमी से उसकी भी हत्या भी कर दी थी। आरोप है कि मनोज ने उसकी बहन के साथ दुष्कर्म के दौरान हैवानियत की थी। उसके गुप्तांग में मनोज ने लकड़ी का खूंटा डाल दिया था। बहन के साथ की गई हैवानियत का बदला लेने के लिए फरार साथी भी मनोज की हत्या की फिराक में लगा हुआ था।

एसपी ग्रामीण का कहना है कि मनोज से रंजिश रखने वाले सभी लोग एकजुट हो गए और 4 सितम्बर को उन्होंने सुनियोजित तरीके से मनोज की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मनोज को लेकर उनके मन में प्रतिशोध की ज्वाला धधक रही थी। यही वजह है कि चार लोगों ने मिलकर मनोज पर गोलियां बरसाईं और उसका शरीर गोलियों से छलनी कर दिया। पुलिस की मानें तो मृतक मनोज के खिलाफ हत्या और लूट समेत अन्य संगीन अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। आरोप है कि मनोज ने कई साल पहले अपने भाई को मौत के घाट उतारकर उसकी पत्नी को अपने साथ रख लिया था। मनोज हत्याकांड में केस दर्ज कराने वाली पूनम उसके मृतक भाई की पत्नी बताई गई है। एसपी ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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