दिल्ली में डेंगू की उत्पत्ति और रोकथाम के संबंध में सेमीनार का आयोजन

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नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (वेब वार्ता)। पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा कड़कड़डूमा स्थित आईएमए ईडीबी भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से बुधवार को डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया रोग की उत्पत्ति और रोकथाम के संबंध में सीएमई अर्थात सतत चिकित्सा शिक्षा के लिए सेमीनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्थायी समिति के अध्यक्ष बीर सिंह पंवार तथा शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र की वार्ड समिति अध्यक्ष हिमांशी पांडे; उपाध्यक्ष बबिता खन्ना; पार्षद संदीप कपूर मौजूद थे।

उनके अलावा निदेशक अस्पताल प्रशासन डॉ. मुकेश कुमार, अतिरिक्त निगम स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. अजय हांडा, उप-स्वास्थ्य अधिकारी मुख्यालय, डॉ. अजय कुमार, उप-स्वास्थ्य अधिकारी, शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र, डॉ. संतोष तोमर तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, ई.डी.बी के सेकेट्ररी अध्यक्ष डॉ. गौतम सिंह एवं उपाध्यक्ष, डॉ. ग्लेडबिन त्यागी भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में आई.एम.ए ईडीबी ने डॉ. संतोष तोमर को चिकित्सा रत्न अवार्ड भी दिया।

स्थायी समिति के अध्यक्ष ने सभागार में मौजूद सभी डॉक्टरों को धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनता को स्वास्थ्यजनक परिस्थितियां मुहैया करवाना प्राथमिक आवश्यकता है और आज के दौर में हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

बीर सिंह पंवार ने कहा कि ऐसे में स्वयं को नई जानकारियों और नये रिसर्च के बारे में अपडेट रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा यह सेमीनार एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है, जहां ज्ञान को सांझा कर जन स्वास्थ्य के लिए बेहतर कार्य किया जा सकता है। वहीं, वार्ड समिति अध्यक्ष सुश्री हिमांशी पांडे ने कहा कि पूर्वी निगम स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतरी के लिए नये विचारों एवं सुझावों का स्वागत करता है, जिससे जनता की स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर वातारण तैयार किया जा सके।

इस मौके पर मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया के बारे में बोलते हुए डॉ. संतोष तोमर ने कहा कि बदलते मौसम के बीच उनके सामने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों को काफी सजग रहने की जरूरत है। डॉ. संतोष तोमर ने बताया कि कोरोना के बाद से लोगों के शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम काफी कमजोर हुई है। ऐसे में अगर किसी दूसरी बीमारी का अटैक होता है तो परेशानी बढ़ सकती है।

डॉ. के के जानी ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बारे में नये अपडेट्स के बारे में विस्तार से बताया तथा डॉ. प्रवीण प्रभाकर ने मच्छर जनित बीमारियों तथा कोविड-19 के बारे में नयी जांच के बारे में जानकारी सांझा की। सेमीनार में बताया गया कि आमतौर पर डेंगू को इतना खतरनाक बीमारी नहीं माना जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज शुरू किया जाए तो बहुत ही जल्द मरीज ठीक हो जाता है। मगर पहले से मरीज किसी बीमारी का शिकार है या हाल फिलहाल में किसी बीमारी से ठीक हुआ है तो ऐसे स्थिति में मरीज के लिए डेंगू का डंक जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा एहतियात बरतें जाये।

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