जनविश्वास हमारी पूंजी, फिर आएगी भाजपा : योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ, 10 अक्टूबर (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसदों-विधायकों को सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घर-घर जाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े चार वर्षों में वंचित तबका सरकार की नीतियों के केंद्र में रहा है। बाढ़ हो या कोरोना, लोगों को लगा कि भाजपा सरकार और पार्टी कार्यकर्ता उनके परिवार का हिस्सा है। लोगों के मन में शासन के प्रति एक विश्वास का सृजन हुआ है। हर तबका उत्साहित है। यही उत्साह और विश्वास हमारी पूंजी है। सरकार की कोशिशों से करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है। हमें उन तक अपनी पहुंच बनानी होगी। मुख्यमंत्री रविवार को गोरक्ष व काशी प्रान्त के भाजपा सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों के साथ विकास परियोजनाओं के संबंध में विमर्श कर रहे थे। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के यूपी चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल और उपमुख्यमंत्री द्वय की मौजूदगी भी रही। जिलावार सांसदों-विधायकों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई विधानसभा क्षेत्र नहीं होगा, जहां 1,000 करोड़ रूपये से अधिक की विकास परियोजनाएं न स्वीकृत हुई हों। आज हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं तो मेडिकल की जरूरतों के लिए ऑक्सीजन जेनरेशन में भी हम आत्मनिर्भर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में किसान, महिला, नौजवान के सपने साकार हो रहे हैं। इन सबसे प्रदेश में एक सकारात्मक माहौल है। सीएम ने कहा कि सांसद-विधायक और जनप्रतिनिधि-संगठन पदाधिकारियों के बीच परस्पर समन्वय बना रहे। यह समन्वय और टीम वर्क आगामी विधानसभा चुनावों में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने जनप्रतिनिधियों को तथ्य और तर्क के साथ जनता के बीच जाने का मंत्र दिया। राजनीति में दलीय प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि निःसन्देह बीते साढ़े चार साल में योगी सरकार ने जिस तरह केंद्र सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, वह अद्भुत है। कोरोना काल में सीएम योगी की संवेदनशीलता को हम सबने महसूस किया है। अब हमें अपने इन सफल प्रयासों और उपलब्धियों के साथ चुनाव में जाना है। बेहतर है कि हर सांसद, विधायक संगठन पदाधिकारी पिछली सरकारों और योगी सरकार के तुलनात्मक आंकड़ों के साथ अपडेट रहें।

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