गुरुद्वारा चुनाव निदेशक नरिन्द्र सिंह ने एक्ट का उल्लंघन कर चुनाव स्थगित किया : सिरसा, कालका

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नई दिल्ली, 10 सितंबर (वेब वार्ता)। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष स. मनजिंदर सिंह सिरसा व महासचिव स. हरमीत सिंह कालका ने कहा है कि गुरुद्वारा चुनाव निदेशक नरिन्द्र सिंह ने गुरुद्वारा एक्ट का उल्लंघन कर बीते कल को-आपशन का चुनाव स्थगित किया है। यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स. सिरसा व स. कालका ने बताया कि एक्ट के मुताबिक पहले चार तख्तों के जत्थेदारों का चुनाव कमेटी में होता है फिर शिरोमणि कमेटी और फिर सिंह सभाओं के दो सदस्यों का चुनाव लॉटरी के रुप में होता है तथा आखिर में कमेटी के अपने सदस्य को-ऑपशन से सदस्य चुनते हैं पर निदेशक नरिन्द्र सिंह ने पहले ही साजिश के तहत आते ही सिंह सभाओं के सदस्यों की लॉटरी से चुने जाने के बारे एतराज़ पूछे जो कि एक्ट के मुताबिक नहीं पूछे जा सकते थे और फिर सरना भाईयों ने एतराज़ किया तथा चुनाव स्थगित कर दिए गए जो असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि नरिन्द्र सिंह एक बिकाऊ अफसर है जिसने पैसे लेकर काम किया है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि नरिन्द्र सिंह ने अकाली दल के सदस्य आत्मा सिंह लुबाणा को 2 करोड़ रुपये की पेशकश की और कहा कि अगर वह सरना को वोट डालते हैं तों उन्हें सरना बंधुओं से 2 करोड़ रुपये दिलवाएंगे। उन्होंने बताया कि नरिन्द्र सिंह ने लुबाणा की सदस्यता खारिज करने का प्रयास किया और यह भी कहा कि आत्मा सिंह लुबाणा की सदस्यता नहीं रहने दी जाएगी और उन्हें जूते पड़ेंगे। ठीक इसी प्रकार नरिन्द्र सिंह ने रमिंदर सिंह स्वीटा को 2 करोड़ रुपये की पेशकश करते हुए उन्हें सरना भाईयों का साथ देने के लिए कहा। स. सिरसा व स. कालका ने यह भी बताया कि मोती नगर के अलावा एक अन्य थाने के एस.एच.ओ ने हमारे सदस्य को बुलाया और कहा कि जो भी पैसे उन्होंने लेने है ले लें तथा सरना भाईयों का साथ दें। पुलिस थाने में सरना का बेटा स्वयं बैठा था। दोनों नेताओं ने बताया कि नरिन्द्र सिंह की शिकायत प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा उप राज्यपाल के पास भी की जा रही है कि नरिन्द्र सिंह को बर्खास्त किया जाए और उसके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करवाया जाए। इस सम्बंध में लिखित शिकायत वह दे रहे हैं तथा उसके खिलाफ जांच करवाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि परसों यानि 8 सितंबर को नामांकन वापिस लेने का समय 3 बजे था पर नरिन्द्र सिंह ने शाम साढ़े सात बजे परमिंदर सिंह का नामांकन पत्र वापिस लिया क्योंकि पैसे का लेन देन हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि हमने आई.पी. स्टेट में पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है जो भी पैसे की पेशकश की गई है और धमकियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज मनजीत सिंह जी.के व परमजीत सिंह सरना द्वारा एक दूसरे के खिलाफ अपशब्द इस्तेमाल करने के बाद अब एकजुटता प्रकट की जा रही है। सरना बंधुओं ने अपने सदस्य होटल में छुपाये हुए हैं पर अकाली दल के सदस्य अपने अपने घर बैठे हुए हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि नरिन्द्र सिंह ने गुरुद्वारा साहिब में सरकारों को लाने का प्रयास किया है। पहले उसने अकाली दल से चुनाव लड़ने का अधिकार छीना, चुनाव चिन्ह छीना, जाली वोट बनवाईं तथा अब सदस्य तोड़ने का काम कर रहा है। जितनी भी धाराएं बनती हैं उनके तहत नरिन्द्र सिंह के खिलाफ केस दज करवा कर ही दम लेंगे।

हरमीत सिंह कालका ने यह भी बताया कि यह 8वें चुनाव हैं और एक भी चुनाव में ऐसा कभी नहीं हुआ कि संविधान या एक्ट की धज्जियां उड़ाई गई हों। हमें पहले ही पता था कि नरिन्द्र सिंह की नीयत खराब है जिसने चुनाव चिन्ह छीनने से लेकर हर प्रकार के काम किए। उन्होंने बताया कि हमनें भारत के चुनाव आयोग को यह पत्र लिखा था कि हमें नरिन्द्र सिंह पर भरोसा नहीं है तथा वह आकर चुनाव करवायें। उन्होंने बताया कि जब चुनाव आयोग के अधिकारी आ गये तो नरिन्द्र सिंह ने चौथे नंबर वाले स्टैप को पहले करवाया तथा को-ऑपशन करवाई ताकि चुनाव आयोग के आदमी चले जायें और यह मनमर्ज़ी कर सके। जब एतराज़ लेने का समय था और 75 सुधार हुए तो नरिन्द्र सिंह ने गलत तरीके से यह पूछा किसी को एतराज़ तो नहीं है क्योंकि पहले योजना के मुताबिक सरना भाई एतराज़ लिख कर लाये थे। उन्होंने यह भी बताया कि हमने नरिन्द्र सिंह को लिखित रुप में देने के लिए कहा कि वह बतायें कि कौन से कानून के तहत आज एतराज़ ले रहे हैं पर नरिन्द्र सिंह के पास कोई भी जवाब नहीं था और वह पिछले दरवाज़े से भाग गए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार मनजीत सिंह जी.के, सरना के खिलाफ 300 करोड़ रुपये में अस्पताल बेचने सहित अन्य दोष लगाते थे उन्होंने सरना को ही वोट डाल कर साबित कर दिया कि उनके घर पैसे पहुँच गये हैं और उनके लिए केवल पैसा ही मुख्य है। उन्होंने कहा कि सरना भी यह ना भूलें कि उन्होंने मनजीत सिंह जी.के पर चोरी के इलज़ाम लगाये थे और आज वोट लेकर मनजीत सिंह जी.के का धन्यवाद कर रहे हैं। स. सिरसा व स. कालका ने सरना दल के उस सदस्य का भी धन्यवाद किया जिसने अकाली दल के हक में वोट डाली और अपील करते हुए कहा कि वह औपचारिक तौर पर अकाली दल में शामिल हो जायें।

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