केंद्रीय मंत्री मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रियंका के नेृतत्व में कांग्रेस का ‘मौन धरना’

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लखनऊ, 11 अक्टूबर (वेब वार्ता)। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ को बर्खास्त करने की मांग को लेकर सोमवार को ‘मौन धरना’ दिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा हिंसा के मामले के आरोपी हैं।

कांग्रेस के प्रवक्ता ने बताया कि प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लखीमपुर खीरी मामले में राज्य की राजधानी के जीपीओ पार्क में एकत्र हुए और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मौन धरने पर बैठे और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ को बर्खास्त करने की मांग की।

पार्टी ने मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है। लखीमपुर हिंसा में तीन अक्टूबर को चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।

प्रवक्ता ने बताया कि उप्र कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा, विधान परिषद में नेता दीपक सिंह सहित कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सोमवार दोपहर जीपीओ पार्क में एकत्रित हुए और बाद में इसमें प्रियंका गांधी भी शामिल हो गईं।

प्रियंका गांधी ने रविवार को वाराणसी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘कांग्रेस कार्यकर्ता किसी से नहीं डरते, भले ही आप उन्हें जेल में डाल दें या उनकी पिटाई करें। हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक केंद्रीय राज्य मंत्री (अजय मिश्रा) इस्तीफा नहीं देते। हमारी पार्टी ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी है और कोई हमें चुप नहीं करा सकता।’

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को शनिवार रात 12 घंटे की पूछताछ के बाद लखीमपुर में गिरफ्तार कर लिया गया था।

कांग्रेस के ‘मौन धरने’ पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी तरह के दबाव से प्रभावित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि अगर वे ‘मौन व्रत’ या प्रदर्शन करना चाहते हैं तो यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, कांग्रेस का यह चलन है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लिये बिना कहा कि हमारे प्रधानमंत्री दस साल से ‘मौन व्रत’ कर रहे थे, हो सकता है कि अगर वे ‘मौन व्रत’ पर बैठें हैं तो वे प्रधानमंत्री बनने का सपना भी देख सकते हैं।

सिंह ने कहा, ‘लेकिन भाई-बहन (राहुल,प्रियंका) क्या करें?.. हम उन्हें गूगल मैप्स (नक्शा) भेज रहे हैं जिसमें एक रास्ता राजस्थान को जाता है, जहां एक दलित की हत्या की गई थी और वे अभी तक वहां नहीं गए हैं, और दूसरा रास्ता छत्तीसगढ़। उन्हें अपने मुख्यमंत्री से पूछना चाहिए कि वहां किसानों की हत्या क्यों की गई? वहां मौन व्रत क्यों नहीं होता? लोग यह जानना चाहते हैं।

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