उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का दिया भरोसा

खास ख़बरें

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (वेब वार्ता)। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने आज अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ मुलाकात की और प्रिंसिपल सुपिंदर कौर, अध्यापक दीपक चंद व व्यापारी माखनलाल बिंदरू की पिछले दिनों आतंकवादियों द्वारा हत्या करने का मामला उठाया। आतंकवादियों ने इनकी हत्या कश्मीर में अल्पसंख्यकों में दहशत पैदा कर उन्हें कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर करने हेतु की है।

यह प्रतिनिधिमंडल जिसमें कमेटी के महासचिव स. हरमीत सिंह कालका भी शामिल थे, उन्होंने राज्यपाल को बताया कि अल्पसंख्यकों की जान को आतंकवादियों से खतरा है। इसलिए राज्यपाल को अपील करते हुए उन्हांेने कहा कि सिख धर्म सहित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए ठोस कदम उठाये जाएं। उन्होंने हाल ही में दो सिख लड़कियों को अगवा कर उनका जबरन धर्म परिवर्तन करने का मामला भी याद दिलाया। उन्होंने उपराज्यपाल को अपील करते हुए आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में सिखों को अल्पसंख्यक का दर्जा देना, सिखों की भलाई के लिए अल्पसंख्यक आयोग गठित करना तथा अन्य मांगों के अलावा पंजाबी को दूसरी सरकारी भाषा के रूप में मान्यता देना सुनिश्चित बनायें।

मीटिंग के दौरान उप राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि प्रशासन ने अल्पसंख्यकों के रिहायशी इलाकों की पहचान की है तथा वहां विशेष सुरक्षा तैनात की जा रही है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हर प्रकार से सुनिश्चित बनाई जाएगी। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी कहा कि चाहे आतंकवादी पहली बार ऐसा कत्लेआम करने में सफल रहे हैं पर अब वह पुनः ऐसा कत्लेआम करने में सफल नहीं होंगे उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रिंसिपल, अध्यापक तथा व्यापारी का कत्ल हुआ है उसकी जांच कर तथा दोषियों की पहचान कर सज़ा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को यह भी कहा कि वह 24 घंटे उपलब्ध हैं और अगर किसी को भी कोई मुश्किल पेश आती है तो वह उनके साथ संपर्क कर सकता है तथा उन्हें मिल सकता है। उपराज्यपाल के साथ मीटिंग से पहले प्रतिनिधिमंडल जो शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष स. सुखबीर सिंह बादल की हिदायतों पर कश्मीर आया है, ने मृतक प्रिंसिपल सुपिंदर कौर व व्यापारी माखनलाल बिंदरू के परिवार के साथ मुलाकात की।

प्रिंसिपल के परिवार को मिलने के बाद स. सिरसा ने बताया कि दिलेर तथा बहादुर जसलीन कौर जो प्रिंसिपल सुपिंदर कौर की पुत्री हैं को मिलना एक भावुक मौका था। जसलीन ने उन्हें याद दिलाया कि प्रिंसिपल सुपिंदर कौर अक्सर उन्हें फोन करती रहती थीं व कश्मीर में सिखों के हालात के बारे में जानकारी देती रहती थीं। प्रिंसिपल एक मजबूत महिला थीं। स. सिरसा व स. कालका सहित प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यकों के परिवारों के साथ एकजुटता प्रकट की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। व्यापारी बिंदरू के परिवार के साथ मुलाकात के साथ स. कालका ने बताया कि श्री बिंदरू दयालु तथा नेक दिल इन्सान थे जिन्होंने अमीर तथा गरीब में फर्क नहीं किया और हर किसी को आतंकवाद के 31 वर्षों के दौरान दवाइयां मुफ्त प्रदान कीं।

- Advertisement -

संबंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

ताज़ा ख़बरें