सोमवार, अप्रैल 20, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: तेजस मार्क-2 की उड़ान जून में, क्या भारत को अब राफेल की आवश्यकता नहीं रहेगी?
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - तेजस मार्क-2 की उड़ान जून में, क्या भारत को अब राफेल की आवश्यकता नहीं रहेगी?

तेजस मार्क-2 की उड़ान जून में, क्या भारत को अब राफेल की आवश्यकता नहीं रहेगी?

UB News Network
Last updated: जनवरी 16, 2026 9:02 पूर्वाह्न
By : UB News Network
Published on : 3 महीना पहले
तेजस मार्क-2 की उड़ान जून में, क्या भारत को अब राफेल की आवश्यकता नहीं रहेगी?
साझा करें

नई दिल्ली

पिछले दिनों डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी कामत ने एक बड़ी घोषणा की. कामत ने कहा कि देसी एडवांस फाइटर जेट तेजस मार्क-2 की पहली उड़ान इस साल जून-जुलाई में की जाएगी. यह स्वदेसी फाइटर जेट विकसित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है. रिपोर्ट के मुताबिक इसी मार्च तक इस फाइटर जेट का प्रोटोटाइप तैयार हो जाएगा. इसके बाद उड़ान से पहले के तमाम ट्रायल किए जाएंगे. अगर सब कुछ निर्धारित योजना के मुताबिक चलता रहा तो 2029 से इस फाइटर जेट का मास प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा. 2030 तक एयरफोर्स को इसकी डिलिवरी शुरू कर दी जाएगी. यानी 2030 तक भारत के पास अपना 4.5 जेन फाइटर जेट होगा. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भारत देसी फाइटर जेट के इतना करीब है तो फिर वह फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट की खरीद क्यों करना चाहता है? जबकि ये दोनों विमान 4.5 पीढ़ी के बताए जा रहे हैं.

राफेल खरीद की योजना

अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्रालय में फ्रांस से 114 राफेल खरीदने के प्रस्ताव पर अंतिम चरम का विचार-विमर्श चल रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ही दिनों के भीतर रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है. इसी बैठक में इस मेगा डील पर चर्चा होगी. इस डील की संभावित लागत 3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है. भारतीय वायु सेना के प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय की मुहर लगने के बाद यह मामला कैबिनेट के समक्ष जाएगा. फिर वहां से अंतिम मंजूरी मिलेगी.

डील में क्या-क्या होने की संभावना

संभावित डील के बारे में कहा जा रहा है कि 12 से 18 विमान सीधे फ्रांस के फ्लाइ-वे कंडीशन में आएंगे. बाकी के विमानों की निर्माण भारत में किया जाएगा. इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन और भारतीय कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम के बीच संयुक्त उपक्रम बनने की संभावना है. अगर यह डील हो जाती है तो भारत के पास कुल 176 राफेल लड़ाकू विमान हो जाएंगे. भारत पहले ही राफेल के दो स्क्वाड्रन खरीद चुका है. नौसेना ने भी 26 मरीन राफेल खरीदने का सौदा किया है. अगर यह डील अगले कुछ महीनों के दौरान हो जाती है तो इसकी भी डिलिवरी 2029 तक शुरू हो जाएगी.

    तेजस मार्क-2 तैयार तो राफेल डील क्यों?

    अब आते हैं इसी सवाल पर. भारतीय वायु सेना लड़ाकू विमानों की भारी कमी से जूझ रही है. उसके पास कम से कम 42 स्क्वाड्रन होने चाहिए लेकिन अभी वह करीब 30 स्क्वाड्रन से काम चला रही है. एक स्क्वाड्रन में 18 विमान होते हैं. आने वाले समय में एयरफोर्स के कुछ और स्क्वाड्रन रिटायर होंगे. ऐसे में देश को भारी संख्या में लड़ाकू विमानों की जरूरत है. ऐसे में भारत को लड़ाकू विमान तो खरीदने ही होंगे. सब यह है कि उसे कौन से लड़ाकू विमान खरीदने चाहिए. दरअसल, देश को अलग-अलग मोर्चे और अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से तरह-तरह के लड़ाकू विमान चाहिए. तेजस मार्क-2 निश्चित तौर पर 4.5 पीढ़ी का फाइटर जेट है. राफेल भी 4.5 पीढ़ी के फाइटर जेट हैं. लेकिन दोनों की क्षमताओं में जमीन आसमान का अंतर है. तेजस मार्क-2 एक हल्का जेट है जबकि राफेल की गिनती दुनिया के सबसे एडवांस जेट में होती है. वह कई मायने में पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को टक्कर देता है.

राफेल Vs तेजस मार्क-2

राफेल और तेजस मार्क-2 दोनों 4.5 पीढ़ी के फाइटर जेट हैं. लेकिन इनकी क्षमता, भूमिका और तकनीक में काफी अंतर है. इन पांच प्वाइंट्स से आप पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे कि भारत क्यों राफेल खरीद रहा है. आखिर क्यों तेजस मार्क-2, राफेल की जगह नहीं ले सकता.

    क्लास और वेट: राफेल एक मीडियम श्रेणी का मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. इसमें दो इंजन लगे हैं, जो इसे लंबी दूरी के मिशन और भारी हथियार ले जाने में समक्ष बनाते हैं. तेजस मार्क-2 एक मीडियम वेट फाइटर जेट है. लेकिन इसमें केवल एक इंजन है. यह तेजस मार्क-1ए से बड़ा है. इसको मिराज-2000 की जगह लेने के लिए डिजाइन किया गया है. यह राफेल से बहुत कम हथियार ले जा सकता है.
    इंजन और ताकत: राफेल में दो स्नेकमा एम88 इंजन हैं. इनका कुल थ्रस्ट लगभग 150kN है. जबकि तेजस मार्क-2 में एक इंजन है और उसका थ्रस्ट 98kN है. राफेल में दो इंजन होने से उसकी सर्वाइवेलिटी भी तेजस मार्क-2 की तुलना में काफी अधिक है.
    हथियार क्षमता: राफेल लगभग 9500 किलो का हथियार ले जा सकता है. इसमें बेहद एडवांस मिटिओर बीवीआर मिसाइल और स्कैल्प क्रूज मिसाइल है. यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. तेजस मार्क-2 में हथियार ले जाने की क्षमता 6500 किलो है. इसमें देसी अस्त्र मिसाइलें, ब्रह्मोस एनजी और तरह-तरह के स्मार्ट बम लगाए जाएंगे.
    रडार और तकनीक: राफेल में दुश्मन की रडार से बचाने वाले RBE2 AESA रडार और स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट लगा है. जबकि तेजस मार्क-2 में उत्तम एईएसए रडार है. इसमें स्वदेसी वारफेयर सूट और आईआरएसटी सेंसर है.
    कीमत: राफेल एक बहुत ही महंगा फाइटर जेट है. एक राफेल की अनुमानित कीमत 1600 से 2000 करोड़ रुपये के बीच है. जबकि तेजस मार्क-2 की कीमत 500 से 600 करोड़ रुपये है.

 

TAGGED:featuredTejas Mark-2
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर 16 जनवरी 2026 का राशिफल: किस राशि के लिए होगी किस्मत की चमक, ग्रहों की चाल समझें 16 जनवरी 2026 का राशिफल: किस राशि के लिए होगी किस्मत की चमक, ग्रहों की चाल समझें
अगली ख़बर चंबल से अरावली तक खनन माफिया का तांडव, राजस्थान और एमपी में लोग खौफ में, कानून न चंबल से अरावली तक खनन माफिया का तांडव, राजस्थान और एमपी में लोग खौफ में, कानून न

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?