सोमवार, अप्रैल 13, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की भारी कमी पर CAG की चेतावनी
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - भोपाल - ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की भारी कमी पर CAG की चेतावनी

ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की भारी कमी पर CAG की चेतावनी

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 28, 2026 7:42 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 1 महीना पहले
ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की भारी कमी पर CAG की चेतावनी
साझा करें

भोपाल

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पांच साल में करीब 35 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख पद खाली हैं। वहीं 1,895 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 435 स्कूल शून्य नामांकन वाले हैं। वहीं 29,116 स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश स्कूल खाली हैं। ये विसंगतियां हाल में विधानसभा में प्रस्तुत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2026 की रिपोर्ट में सामने आई हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।
शहरी स्कूलों में सरप्लस शिक्षक

रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि राजधानी समेत कई शहरी स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण नहीं होने से यह स्थिति बनी। वर्ष 2022 में 46 जिलों में प्राथमिक शिक्षकों के 1,72,336 स्वीकृत पद थे, जिनमें से 1,56,084 शिक्षक कार्यरत पाए गए। वहीं शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के मानकों के अनुसार इन जिलों में 1,53,643 शिक्षकों की आवश्यकता थी, लेकिन इसके बावजूद 2,441 प्राथमिक शिक्षक अतिरिक्त पदस्थ थे। शिक्षकों का समायोजन करने के बजाय 7,429 नए प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती कर दी गई, जिससे असंतुलन और बढ़ गया।

ग्रामीण और शहरी स्कूलों में बड़ा अंतर

रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों के बीच शिक्षक उपलब्धता में बड़ा अंतर भी सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 62,213 स्कूल हैं, जहां 2,81,887 स्वीकृत पदों के मुकाबले 1,98,175 शिक्षक कार्यरत हैं, यानी करीब 70.30 प्रतिशत पद ही भरे हैं। वहीं इसके विपरीत शहरी क्षेत्रों के 4,601 स्कूलों में 47,556 स्वीकृत पदों के मुकाबले 43,319 शिक्षक कार्यरत हैं, जो लगभग 91.09 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि शहरों में कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक मौजूद हैं।

पिछले साल 20 हजार अतिशेष शिक्षकों का समयोजन किया गया। अब नए सत्र के शुरू होने से पहले शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके। साथ ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। डॉ. संजय गोयल, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग

 

TAGGED:Madhya Pradeshteachers
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर ईरान का बड़ा एक्शन: बहरीन-कतर में US बेस पर मिसाइल स्ट्राइक, बढ़ा तनाव ईरान का बड़ा एक्शन: बहरीन-कतर में US बेस पर मिसाइल स्ट्राइक, बढ़ा तनाव
अगली ख़बर मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आशंका, ट्रंप की चेतावनी के बाद देशों ने दूतावास किए ख मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आशंका, ट्रंप की चेतावनी के बाद देशों ने दूतावास किए ख

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?