शनिवार, मई 2, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: JEE-NEET कोचिंग पर सरकार का बड़ा कदम, पढ़ाई के घंटों की सीमा तय करने पर विचार
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - करियर - JEE-NEET कोचिंग पर सरकार का बड़ा कदम, पढ़ाई के घंटों की सीमा तय करने पर विचार

JEE-NEET कोचिंग पर सरकार का बड़ा कदम, पढ़ाई के घंटों की सीमा तय करने पर विचार

UB News Network
Last updated: जनवरी 13, 2026 4:32 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 4 महीना पहले
JEE-NEET कोचिंग पर सरकार का बड़ा कदम, पढ़ाई के घंटों की सीमा तय करने पर विचार
साझा करें

 नई दिल्ली

देश में बढ़ते कोचिंग कल्चर और छात्रों पर पड़ रहे मेंटल स्ट्रेस को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्कूल शिक्षा में बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा है. सरकार द्वारा बनाई गई एक समिति का मानना है कि छात्रों की पढ़ाई का बोझ कम करने और उन्हें कोचिंग पर निर्भर होने से बचाने के लिए स्कूल सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है. इस समिति ने सुझाव दिया है कि कोचिंग क्लासेज को रोजाना सिर्फ 2 से 3 घंटे तक सीमित किया जाए. साथ ही स्कूलों के पाठ्यक्रम को JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार ढाला जाए, ताकि छात्रों को अलग से कोचिंग की जरूरत न पड़े.

स्कूल सिलेबस और प्रतियोगी परीक्षाओं में अंतर

समिति का कहना है कि स्कूल के सिलेबस और प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा अंतर है. बोर्ड परीक्षाओं में जहां लिखित और सोच-समझ पर आधारित सवाल होते हैं, वहीं प्रवेश परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव और मल्टीपल चॉइस सवाल पूछे जाते हैं. इसी वजह से छात्र कोचिंग की ओर मजबूर होते हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई स्कूलों में शिक्षक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं, जबकि कोचिंग सेंटर विशेषज्ञ शिक्षकों, नियमित टेस्ट और स्टडी मटेरियल की सुविधा देते हैं. यही कारण है कि छात्र स्कूल के बजाय कोचिंग पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं.

समिति ने यह भी चेतावनी दी है कि कम उम्र में ही कोचिंग शुरू करने से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता है. एक ही परीक्षा पर पूरा भविष्य टिका होना तनाव और डर पैदा करता है. स्कूलों में करियर गाइडेंस और काउंसलिंग की कमी इस समस्या को और बढ़ा देती है.

समिति के प्रमुख सुझाव इस प्रकार हैं:

    स्कूल के सिलेबस को JEE, NEET और CUET जैसी परीक्षाओं के अनुरूप बनाया जाए.
    कोचिंग क्लासेज को दिन में अधिकतम 2-3 घंटे तक सीमित किया जाए.
    कॉलेज एडमिशन में बोर्ड परीक्षा के अंकों को ज्यादा महत्व दिया जाए.
    कोचिंग सेंटरों के विज्ञापनों और दावों पर सख़्त नियम बनाए जाएं.
    स्कूलों में ही रेमेडियल क्लास और गाइडेंस सिस्टम शुरू किया जाए.
    कक्षा 8 से ही छात्रों को करियर काउंसलिंग दी जाए.
    शिक्षकों को नई तरह की पढ़ाई और मूल्यांकन पद्धति ( Evaluation Method) की ट्रेनिंग दी जाए.
    रटने के बजाय सोच और समझ पर आधारित पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाए.

कुल मिलाकर, सरकार का फोकस यह है कि स्कूल ही छात्रों की तैयारी का मुख्य केंद्र बने, कोचिंग की जरूरत कम हो और बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव न पड़े.

TAGGED:Education/CareerJEE-NEET
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर बिल्लू की “सुंदरा” भैंस ने 29.650 किलो दूध देकर जीता बुलेट बिल्लू की “सुंदरा” भैंस ने 29.650 किलो दूध देकर जीता बुलेट
अगली ख़बर मुख्यमंत्री साय बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित ले रहे उच्च स्तरीय बैठक मुख्यमंत्री साय बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित ले रहे उच्च स्तरीय बैठक

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?