सोमवार, अप्रैल 13, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट, पैदा करेगा रोजगार के लाखों अवसर
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट, पैदा करेगा रोजगार के लाखों अवसर

एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट, पैदा करेगा रोजगार के लाखों अवसर

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 15, 2026 7:37 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 2 महीना पहले
एमएसएमई को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट, पैदा करेगा रोजगार के लाखों अवसर
साझा करें

96 लाख इकाइयों को मजबूती, तीन करोड़ परिवारों की आजीविका को मिलेगा स्थायित्व
क्लस्टर, आधारभूत संरचना और बाजार विस्तार से प्रतिस्पर्धी बनेगा प्रदेश का उद्योग

लखनऊ,

प्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बजट 2026-27 में जिस प्राथमिकता के साथ रखा गया है, वह आने वाले वर्षों की औद्योगिक तस्वीर को बदलने का संकेत देता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो करीब तीन करोड़ परिवारों की आजीविका का आधार हैं। इस बजट में 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीते साल की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि केवल बजटीय विस्तार ही नहीं बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

प्रदेश सरकार एमएसएमई को अनुदान आधारित व्यवस्था से आगे बढ़ाकर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर प्रतिवर्ष एक लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पांच वर्षों में पांच लाख से अधिक नई इकाइयां खड़ी हो सकती हैं जिनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार सृजित होने का अनुमान है। बैंक ऋण और सरकारी प्रोत्साहन के संयोजन से निवेश का मल्टीप्लायर इफेक्ट्स (गुणक) कई गुना बढ़ सकता है।
एमएसएमई क्षेत्र की सबसे बड़ी बाधा ऋण हासिल करना है। छोटे उद्यमियों के पास पर्याप्त जमानत (कोलैटरल) न होने से वे औपचारिक बैंकिंग तंत्र से दूर रह जाते हैं। बजट में ऋण गारंटी तंत्र को सुदृढ़ करने और बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे बड़ी जमानत के बिना ऋण लेने की राह आसान होगी। इसका सीधा असर यह होगा कि बड़ी संख्या में इकाइयां असंगठित क्षेत्र से निकलकर औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगी जिससे कर संग्रह, पारदर्शिता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। क्लस्टर आधारित विकास मॉडल को भी बजट में बल मिला है। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। समूह आधारित औद्योगिक क्षेत्रों में साझा मशीनरी, परीक्षण प्रयोगशालाएं और सामान्य सुविधाएं उपलब्ध होने से उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे छोटे उद्यम बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। ओडीओसी के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की रणनीति को मजबूती देती है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यदि प्रत्येक नया उद्यम औसतन पांच से 10 लोगों को रोजगार देता है तो केवल इस योजना से ही हजारों युवाओं के लिए अवसर बन सकते हैं। यह ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधि को नई गति देगा।

प्रत्यक्ष प्रावधानों के अलावा बजट में आधारभूत संरचना पर निरंतर निवेश भी एमएसएमई के लिए अप्रत्यक्ष समर्थन है। एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक गलियारे और बेहतर विद्युत आपूर्ति से उत्पादन लागत घटती है और समयबद्ध आपूर्ति संभव होती है। परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधा बेहतर होने से छोटे उद्योग भी निर्यात बाजार की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। व्यापार सुगमता सुधार, एकल खिड़की प्रणाली और ऑनलाइन स्वीकृति व्यवस्था निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रही है।

आज जब 96 लाख इकाइयां तीन करोड़ परिवारों की आजीविका का आधार हैं, तब लक्ष्य केवल संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने का है। बजट 2026-27 इस दिशा में बहुस्तरीय हस्तक्षेप का संकेत देता है। इससे आने वाले वर्षों में प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि रोजगार सृजन का सबसे बड़ा इंजन भी साबित होगा।

TAGGED:MSMEUttar Pradesh
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर पति को फंसाने की साजिश नाकाम: झूठे दहेज आरोपों पर हाईकोर्ट सख्त, पत्नी को लगाई फ पति को फंसाने की साजिश नाकाम: झूठे दहेज आरोपों पर हाईकोर्ट सख्त, पत्नी को लगाई फ
अगली ख़बर अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीपोत्सव से रूस के कलाकारों को मिली प् अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीपोत्सव से रूस के कलाकारों को मिली प्

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?