सोमवार, अप्रैल 13, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - भोपाल - सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन

सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन

UB News Network
Last updated: मार्च 21, 2026 9:32 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 3 सप्ताह पहले
सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन
साझा करें

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन प्रारंभ किया जाएगा। यह मिशन सेवाओं के संचालन और आर्थिक अवसरों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्टेट एआई मिशन राज्य के एआई विजन एंड एक्शन फ्रेमवर्क पर आधारित होगा, जिसके माध्यम से व्यवस्था को प्रेडिक्टिव, प्रोएक्टिव एवं डेटा-ड्रिवन बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई तकनीकों का उपयोग मानवीय निगरानी (ह्यूमन-इन-द-लूप) के साथ किया जाएगा, जिससे सुरक्षा, पारदर्शिता एवं नागरिकों का विश्वास सुनिश्चित किया जा सकेगा। एआई मिशन के क्रियान्वयन से नागरिकों, विशेषकर किसानों, ग्रामीण समुदायों, युवाओं एवं वंचित वर्गों को तेज, स्मार्ट और व्यक्तिगत सेवाएँ उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार एआई तकनीक को सुलभ एवं किफायती बनाकर समाज के सभी वर्गों तक इसके लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रेडिक्टिव गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। सभी एआई प्रणालियों में पारदर्शिता, ऑडिटेबिलिटी और प्राइवेसी संरक्षण सुनिश्चित करते हुए रिस्पॉन्सिबल एआई के सिद्धांतों को अपनाया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक कार्यों को अधिक दक्ष बनाने के लिए अधिकारियों को ड्राफ्टिंग, विश्लेषण, डिसीजन सपोर्ट एवं डेटा मैनेजमेंट से संबंधित एआई टूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे। एआई का उपयोग केवल पायलट परियोजनाओं तक सीमित न रहकर राज्य की प्रमुख योजनाओं में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।

चरणबद्ध तरीके से होगा मिशन का क्रियान्वयन

स्टेट एआई मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में वर्तमान एआई पहलों का समेकन एवं आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा और वर्ष-2028 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा।

एआई तकनीक से नागरिक सेवाओं की पहुँच हुई सुदृढ़

एमपी ई-सेवा एवं संपदा 2.0 जैसे प्लेटफॉर्म से एआई आधारित पात्रता पहचान, फेस रिकग्निशन एवं रियल-टाइम ट्रैकिंग से नागरिक सेवाएँ अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बन रही हैं। एआई आधारित गिरदावरी प्रणाली से भूमि एवं फसल संबंधी सेवाओं में सटीकता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।

कृषि क्षेत्र में एआई आधारित गिरदावरी, सिप्री परियोजना, जिला स्तरीय जीआईएस प्लेटफॉर्म तथा सारा एवं उन्नति एग्रीजीआईएस से करोड़ों भू-खंडों पर फसल मैपिंग एवं उपज आकलन किया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता एवं बेहतर निर्णय-निर्माण को बल मिला है।

एआई से सामाजिक सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा

एआई आधारित पहलों के तहत सुमन सखी कार्यक्रम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है।वहीं एमपी कौशल रथ एवं ज्ञानकोष के जरिए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों से जोड़ा जा रहा है। समग्र प्लेटफॉर्म आधारित एआई पहचान प्रणाली से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं लक्षित तरीके से पहुँचाया जा रहा है।

एआई क्षेत्र में कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

राज्य में स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों एवं इंडस्ट्री के साथ साझेदारी विकसित कर मजबूत एआई इको सिस्टम तैयार किया जाएगा। युवाओं एवं शासकीय अधिकारियों के लिए एआई स्किलिंग कार्यक्रम संचालित कर भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे।

सुशासन का नया मॉडल बनेगा मध्यप्रदेश

‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत पर आधारित एआई दृष्टिकोण नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य एआई को प्रयोगशाला से निकालकर ‘पब्लिक गुड’ के रूप में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, जिससे समावेशी एवं उत्तरदायी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

 

TAGGED:Chief Minister Dr. YadavMadhya Pradesh
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन
अगली ख़बर टीचर्स को नहीं मिलेगी राहत: MP में समर वेकेशन में भी ड्यूटी, मई-जून में होंगी बो टीचर्स को नहीं मिलेगी राहत: MP में समर वेकेशन में भी ड्यूटी, मई-जून में होंगी बो

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?