शनिवार, मार्च 14, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: स्पीड बनी जानलेवा! 7 साल में 1397 लोगों की मौत, फिर भी नहीं थम रही रफ्तार
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - मध्‍य प्रदेश - ग्वालियर - स्पीड बनी जानलेवा! 7 साल में 1397 लोगों की मौत, फिर भी नहीं थम रही रफ्तार

स्पीड बनी जानलेवा! 7 साल में 1397 लोगों की मौत, फिर भी नहीं थम रही रफ्तार

UB News Network
Last updated: मार्च 4, 2026 4:52 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 1 सप्ताह पहले
स्पीड बनी जानलेवा! 7 साल में 1397 लोगों की मौत, फिर भी नहीं थम रही रफ्तार
साझा करें

भिंड
नेशनल हाईवे 719 और 552 पर तेज गति सडक़ हादसों की वजह बन रही है। अकेले शहर के बायपास रोड पर ही एक माह में पांच लोग मौत के गाल में समा गए हैं। इन सभी हादसों के पीछे वाहनों की अनियंत्रित गति और चालकों की लापरवाही सामने आई है। हाइवे पर भले ही वाहनों की गति निर्धारित हो लेकिन चालक बेलगाम वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। यातायात विभाग के पास इकलौता स्पीडोमीटर है उसका भी उपयोग नहीं किया जा रहा है।

बता दें भिण्ड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर कार की अधिकतम स्पीड 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित है। एमपीआरडीसी ने इसको लेकर बोर्ड भी लगाए है, लेकिन हाईवे पर कार 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भी अधिक दौड़ती हैं। ट्रक, डंपर और हैवी वाहनों की स्पीड 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है वह भी इससे अधिक दौड़ते हैं जो कि हादसे का कारण बनते हैं। इसी तरह भिण्ड-भांडेर रोड पर बड़े वाहनों की स्पीड 50 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, मगर वाहन 70 से 80 किमी प्रति घंटा तक फर्राटे भरते हैं। कार की स्पीड 80 किमी है, वह भी नियंत्रित गति से अधिक तेज दौड़ती हैं।

इस तरह चेक करते हैं स्पीड
जिस वाहन की स्पीड चेक करनी होती है, उसके लिए पांच सौ मीटर की रैंज में टारगेट निर्धारित करके गाड़ी को लॉक किया जाता है। वाहन की पूरी जानकारी मशीन में लगे कैमरा में फीड हो जाती है। उसकी स्पीड और फोटो स्पीडो मीटर में पहुंच जाती है। निर्धारित गति से अधिक स्पीड में वाहन चलाने पर तीन हजार रुपए का जुर्माना का प्रावधान है।
 
एक साल में 347 चालान
पिछले एक साल में यातायात पुलिस ने दोनों हाईवे पर 347 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की है। यातायात पुलिस की मानें तो स्पीडोमीटर में वाहन का टारगेट तय करने में समस्या आती है। जिले में स्पीडोमीटर लावन मोड़, डिड़ी, दीनपुरा, लहार रोड पर मानपुरा के पास लगाया जाता है। वहीं सबसे बड़ी समस्या यह है कि बायपास रोड पर स्पीडोमीटर काम नहीं करता है। क्योंकि वाहनों की स्पीड के लिए 500 मीटर का सीधा मार्ग होना चाहिए। बायपास पर ट्रैफिक अधिक होने के कारण स्पीड चेक करने के लिए जब वाहन का टारगेट फिक्स किया जाता है तो पीछे से दूसरा वाहन क्रॉस करने पर संबंधित वाहन की स्पीड कैमरे में लॉक नहीं हो पाती है।

साल हादसे मृतक घायल
    2019 699 172 724
    2020 656 160 700
    2021 645 209 669
    2022 714 198 803
    2023 639 197 784
    2024 687 219 754
    2025 671 242 721

TAGGED:Madhya PradeshSpeed ​​has become fatal!top-news
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर व्यवसायी के तौर पर पहचान बना रहीं हैं रेणुबाला व्यवसायी के तौर पर पहचान बना रहीं हैं रेणुबाला
अगली ख़बर अब स्ट्रेच मार्क्स नहीं! घर पर ही अपनाएं ये घरेलू नुस्खे अब स्ट्रेच मार्क्स नहीं! घर पर ही अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

ये भी पढ़ें

मुरैना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता का उदाहरण, घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय

मुरैना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता का उदाहरण, घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय

नक्सलियों पर शिकंजा: 10 लाख का इनामी कमांडर सहित दो माओवादी झारखंड पुलिस के हत्थ

नक्सलियों पर शिकंजा: 10 लाख का इनामी कमांडर सहित दो माओवादी झारखंड पुलिस के हत्थ

कोविड पीड़ितों के लिए मुआवजा: ‘नो-फॉल्ट’ कंपेंसेशन पॉलिसी से मिलेगा न्याय या बढ़

कोविड पीड़ितों के लिए मुआवजा: ‘नो-फॉल्ट’ कंपेंसेशन पॉलिसी से मिलेगा न्याय या बढ़

लखनऊ-गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने से इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन और अनुसंधा

लखनऊ-गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने से इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन और अनुसंधा

राजगढ़ में गैस एजेंसियों के लिए नए नियम, अधिक पैसे लेने पर कलेक्टर ने कार्रवाई क

राजगढ़ में गैस एजेंसियों के लिए नए नियम, अधिक पैसे लेने पर कलेक्टर ने कार्रवाई क

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?