रविवार, अप्रैल 12, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: सरस्वती पूजा विधि: घर में पूजन के लिए जरूरी सामग्री, शुभ समय और खास नियम
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - धर्म - सरस्वती पूजा विधि: घर में पूजन के लिए जरूरी सामग्री, शुभ समय और खास नियम

सरस्वती पूजा विधि: घर में पूजन के लिए जरूरी सामग्री, शुभ समय और खास नियम

UB News Network
Last updated: जनवरी 21, 2026 10:12 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 3 महीना पहले
सरस्वती पूजा विधि: घर में पूजन के लिए जरूरी सामग्री, शुभ समय और खास नियम
साझा करें

बसंत पंचमी का पावन पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह दिन मां सरस्वती के प्राकट्य से जुड़ा माना जाता है, जिन्हें विद्या, बुद्धि, वाणी और विवेक की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर में नियमपूर्वक सरस्वती पूजा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है, मानसिक स्पष्टता आती है और अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है. इसलिए बसंत पंचमी पर घरेलू पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में पंचमी तिथि 23 जनवरी को सुबह 02:28 बजे से प्रारंभ होकर 24 जनवरी को रात्रि 01:46 बजे तक रहेगी, इसलिए बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को श्रद्धा और विधि विधान के साथ मनाया जाएगा.

सरस्वती पूजा से पहले की तैयारी और शुभ समय

बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा के लिए प्रातः काल का समय सबसे उत्तम माना गया है. सूर्योदय के बाद स्नान कर स्वच्छ और हल्के रंग, विशेष रूप से पीले या सफेद वस्त्र धारण करने चाहिए. पूजा से पूर्व घर की साफ सफाई कर पूजा स्थल को पवित्र करना आवश्यक माना गया है. ईशान कोण (North-East direction) या शांत स्थान पर पीले वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. मान्यता है कि मां सरस्वती को स्वच्छता और शांति प्रिय है. पूजा सामग्री जैसे दीपक, धूप, चंदन, अक्षत, पीले पुष्प और नैवेद्य पहले से तैयार रखें. पूजा से पहले मन को शांत कर सकारात्मक भाव बनाए रखना भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है.

घर में सरस्वती पूजा की विधि और नियम

पूजा प्रारंभ करते समय सबसे पहले दीप जलाकर कर संकल्प लें. इसके बाद मां सरस्वती के चित्र या प्रतिमा पर चंदन, अक्षत और पुष्प अर्पित करें. मां को पीले फूल और पीले वस्त्र विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं. पूजा के दौरान पुस्तकों, कॉपियों, कलम और वाद्य यंत्रों को पूजा स्थल के पास रखना शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे विद्या से जुड़े कार्यों में सफलता मिलती है. पूजा करते समय शुद्ध मन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें. घर में सरस्वती पूजा करते समय किसी भी प्रकार का शोर या अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए. अंत में मां से ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें.

भोग, मंत्र और पूजा में सावधानियां

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को सात्विक भोग अर्पित करने की परंपरा है. खीर, मीठे चावल, बूंदी या पीले रंग के मिष्ठान्न शुभ माने जाते हैं. पूजा के दौरान तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखना आवश्यक बताया गया है. मंत्र जाप के लिए सरस्वती वंदना या सरल स्तुति का पाठ किया जा सकता है. मान्यता है कि शांत मन से किया गया मंत्र जाप अधिक फलदायी होता है. पूजा के समय क्रोध, जल्दबाजी या आलस्य से बचना चाहिए. यदि घर में बच्चे हैं तो उन्हें भी पूजा में शामिल करना शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे उनमें संस्कार और विद्या के प्रति सम्मान विकसित होता है.

पूजा के बाद क्या करें और क्या न करें?

सरस्वती पूजा के बाद कुछ समय अध्ययन, लेखन या संगीत अभ्यास करना अत्यंत शुभ माना गया है. मान्यता है कि इस दिन पढ़ाई की गई विद्या लंबे समय तक स्मरण रहती है. छोटे बच्चों के लिए अक्षर अभ्यास या विद्यारंभ करना भी लाभकारी माना गया है. पूजा के बाद पुस्तकों का अपमान न करें और उन्हें जमीन पर न रखें. इस दिन बाल कटवाना या अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह दी जाती है. पीले रंग का दान करना और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्यकारी माना गया है. बसंत पंचमी पर किया गया संकल्प जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है.

TAGGED:Basant PanchamiSaraswati Puja
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न से प्रेरित मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के हरित ऊर्जा विज़न से प्रेरित मध्यप्रदेश
अगली ख़बर दावोस मंच से गूंजा विवादित सुर, अमेरिकी मंत्री बेसेंट ने ग्रीनलैंड पर जताया दावा दावोस मंच से गूंजा विवादित सुर, अमेरिकी मंत्री बेसेंट ने ग्रीनलैंड पर जताया दावा

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?