मंगलवार, अप्रैल 21, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: रीवा बना पर्यटकों की पसंद, 80% बुकिंग के साथ होम स्टे और बैलगाड़ी में मजेदार अनु
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - मध्‍य प्रदेश - जबलपुर - रीवा बना पर्यटकों की पसंद, 80% बुकिंग के साथ होम स्टे और बैलगाड़ी में मजेदार अनु

रीवा बना पर्यटकों की पसंद, 80% बुकिंग के साथ होम स्टे और बैलगाड़ी में मजेदार अनु

UB News Network
Last updated: दिसम्बर 31, 2025 11:13 पूर्वाह्न
By : UB News Network
Published on : 4 महीना पहले
रीवा बना पर्यटकों की पसंद, 80% बुकिंग के साथ होम स्टे और बैलगाड़ी में मजेदार अनु
साझा करें

रीवा
 नए साल 2026 के आगमन का उत्साह चरम पर है और इसका सीधा असर रीवा के पर्यटन पर भी साफ दिखाई दे रहा है. 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लेकर जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पर्यटन स्थल और आस्था के केंद्र सैलानियों से गुलजार हो चुके हैं. यहां ठंडी फिजा और विंध्य की मनमोहक वादियां पर्यटकों को बड़ी संख्या में रीवा की तरफ खींच कर ला रही है. हालात यह हैं कि शहर के लगभग सभी होटलों की बुकिंग धड़ाधड़ शुरू है.

जबकि सेमरिया क्षेत्र के पुरवा में बने होम-स्टे भी ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के जरिए तेजी से फुल होते जा रहे हैं, क्योंकि रीवा के 4 सबसे खूबसूरत वाटर फॉल में से एक पूर्वा वाटर फॉल इसी क्षेत्र में है.

नए वर्ष पर रीवा में बढ़ी पर्यटकों की संख्या

रीवा में बीते कुछ वर्षों की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. करीब 80 प्रतिशत बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, जो इस बात का संकेत है कि इस बार न्यू ईयर पर रीवा में पर्यटन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. खास बात यह है कि रीवा का पर्यटन अब केवल शहरी होटल और स्थलों तक सीमित नहीं रहा. पर्यटक अब ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य और शांत माहौल की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. गांवों में बने होम-स्टे, प्राकृतिक पिकनिक स्पॉट और आसपास के हरियाली से भरपूर इलाके सैलानियों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.

पर्यटक क्यों कर रहें रीवा का रुख

रीवा में कई ऐसे प्राकृतिक और सांस्कृतिक क्षेत्र हैं, जिनके बारे में जानकर पर्यटक नए वर्ष को यादगार बनाने के लिए बड़ी संख्या में यहां का रुख कर रहे हैं और रीवा को अपना बेहतरीन डेस्टिनेशन मान रहे हैं. यहां कल-कल बहती सुंदर नदियां, मनमोहक झरने, घने जंगल और आस्था से जुड़े धार्मिक स्थल पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहे हैं.

इसके साथ ही ग्रामीण संस्कृति को नजदीक से देखने और सादगी भरे जीवन का अनुभव करने का अवसर भी सैलानियों को रीवा की ओर खींच रहा है. न्यू ईयर के अवसर पर परिवारों और युवाओं की बढ़ती मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि रीवा अब नेचर और बेस्ट एक्सपीरियंस टूरिज्म के रूप में अपनी एक नई और मजबूत पहचान बना चुका है.

रीवा में टेंपल टूरिज्म का नया दौर

रीवा अब सिर्फ हरियाली, झरनों और जंगलों तक सीमित पहचान नहीं रखता, बल्कि यहां का टेंपल टूरिज्म भी तेजी से नई ऊंचाइयों को छू रहा है. श्रद्धा आस्था और सुकून की तलाश में रीवा का रुख करने वाले पर्यटक अब एक ही यात्रा में मंदिरों के दर्शन, प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती और ऐतिहासिक धरोहरों का अनुभव कर रहे हैं. यही अनोखा संगम रीवा को खास बनाता है, जहां आस्था, प्रकृति और इतिहास एक साथ सांस लेते नजर आते हैं. बढ़ती पर्यटक आमद और विविध अनुभवों की उपलब्धता ने रीवा को विंध्य क्षेत्र का उभरता हुआ पर्यटन केंद्र बना दिया है, जो हर वर्ग के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.

ग्रामीण इलाकों के होम स्टे में छाई न्यू ईयर की रौनक

न्यू ईयर के आगमन के साथ ही रीवा की होटल इंडस्ट्री और गांवों में बने होम स्टे पूरी तरह गुलजार नजर आ रहें है. शहर के ज्यादातर छोटे-बड़े होटलों से लेकर प्रीमियम होटल और रिसॉर्ट्स तक में एक सप्ताह पहले से ही लगभग फुल होने की कगार पर हैं. होटल संचालकों के मुताबिक 31 दिसंबर और 1 जनवरी को सेलिब्रेट करने के लिए पहले ही बुकिंग हो चुकी हैं. यहां विंध्य के सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार समेत छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से पर्यटक बड़ी संख्या में रीवा पहुंच रहे हैं.

नए साल में युवा ग्रुप की पसंदीदा जगह बन रहा रीवा

परिवारों के साथ-साथ युवाओं के ग्रुप भी नए साल का जश्न मनाने के लिए रीवा को अपनी पसंद बना रहे हैं. कुछ सैलानी विंध्य क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो वहीं कई पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और ग्रामीण जीवन के अनूठे अनुभव की तलाश में रीवा का रुख कर रहे हैं.

रीवा में है प्रसिद्ध मंदिर, ऐतिहासिक धरोहर और कई पर्यटन स्थल

नववर्ष के अवसर पर रीवा शहर और आसपास के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ने की प्रबल संभावना है. ठंडक भरे सुहावने मौसम और नव वर्ष के माहौल के चलते पर्यटकों की आवाजाही में इस बार उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. विशेष रूप से प्रसिद्ध मंदिरों, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों, झरनों, पिकनिक स्पॉट और ऐतिहासिक धरोहरों पर पर्यटकों की संख्या अधिक रहने की उम्मीद है.

होम स्टे बने आकर्षण का केंद्र

न्यू ईयर के मौके पर इस बार रीवा के ग्रामीण क्षेत्रों में बने होम-स्टे पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. सेमरिया क्षेत्र के पुरवा गांव में विकसित किए गए 10 होम-स्टे खासतौर पर सैलानियों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं. होम-स्टे संचालक पुरवा गांव के निवासी अभय मिश्रा के अनुसार “यहां करीब 80 प्रतिशत बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, जो की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की गई है.”

यहां पर्यटकों को कराई जाती है बैल गाड़ी से गांव की सैर

इन होम-स्टे की पहचान केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटकों को ग्रामीण जीवन की आत्मा से रू-बरू कराने वाला अनुभव भी प्रदान करते हैं. संचालकों के अनुसार सैलानियों को बैलगाड़ी के माध्यम से पुरवा गांव, पुरवा वाटरफॉल, बसामन मामा और गौवंश अभ्यारण्य का भ्रमण कराया जाता है. इस दौरान पर्यटक गांव की गलियों से गुजरते हुए खेत-खलिहान, तालाब, पारंपरिक दिनचर्या और ग्रामीण परिवेश को नजदीक से देखते हैं, जिससे वे गांव की परंपराओं और ग्रामीणों की जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से समझ पाते हैं.

प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर है रीवा

यही कारण है कि न्यू ईयर के मौके पर प्रकृतिक की गोद और सादगी भरे माहौल की तलाश में पहुंचे पर्यटक इन ग्रामीण होम-स्टे को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं. यहां सैलानियों को शुद्ध देसी बघेली भोजन परोसा जा रहा है, जिसमें स्थानीय व्यंजनों का पारंपरिक स्वाद झलकता है. वहीं शाम ढलते ही बघेली लोकगीतों और लोकसंगीत की प्रस्तुति से पर्यटको का मनोरंजन होता, जिससे पर्यटक स्वयं को गांव की संस्कृति और परिवेश से पूरी तरह जुड़ा हुआ महसूस करते हैं.

  व्यवस्थाओं पर प्रशासन और पुलिस की निगरानी

पर्यटकों की लगातार बढ़ती आमद को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. प्रमुख पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा, यातायात और पार्किंग को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यटकों की सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम और पर्यटन विभाग भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. प्रशासन का उद्देश्य है कि न्यू ईयर के दौरान सैलानियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

होटल और होम स्टे हो रहे फुल

होम-स्टे संचालक पुरवा निवासी अभय मिश्रा का कहना है कि “शहरी भागदौड़ से दूर सुकून और अपनापन खोज रहे पर्यटक इस तरह के अनुभव को खूब पसंद करते हैं.” तो वहीं रीवा के होटल संचालक परमजीत सिंह डंग ने बताया की “नए वर्ष के आगमन को लेकर शहर के ज्यादातर होटल व्यस्त हैं, कई होटलों में न्यू ईयर को सेलिब्रेट करने के लिए पहले से ही बुक किए जा चुके हैं. इस बार रीवा में बड़ी संख्या में पर्यटक रीवा का रुख कर रहें.

TAGGED:homestayMadhya Pradesh
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर ट्रंप का भरोसेमंद बना पाक सेना प्रमुख! आसिम मुनीर की ‘तरक्की’ से भारत क्यों सतर्
अगली ख़बर प्रमोशन को लेकर बड़ा सवाल: क्या यह मौलिक अधिकार है? हाईकोर्ट का अहम जवाब प्रमोशन को लेकर बड़ा सवाल: क्या यह मौलिक अधिकार है? हाईकोर्ट का अहम जवाब

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?