गुरूवार, अप्रैल 23, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: PAK की साजिश का खुलासा, दिल्ली से कश्मीर तक सेना की जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगव
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - PAK की साजिश का खुलासा, दिल्ली से कश्मीर तक सेना की जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगव

PAK की साजिश का खुलासा, दिल्ली से कश्मीर तक सेना की जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगव

UB News Network
Last updated: मार्च 20, 2026 5:35 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 1 महीना पहले
PAK की साजिश का खुलासा, दिल्ली से कश्मीर तक सेना की जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगव
साझा करें

गाजियाबाद
ऑपरेशन सिंदूर के तहत गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश जारी है. आरोपियों ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर भारतीय सेना की जासूसी की योजना बनाई थी। 

जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क दिल्ली और सोनीपत रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों में सोलर पावर्ड CCTV कैमरे लगाकर लाइव फीड पाकिस्तान भेजने की योजना बना रहा था. इन कैमरों के जरिए सेना की मूवमेंट, हथियार और अन्य संवेदनशील जानकारी भेजी जानी थी। 

पाकिस्तान ISI का जासूसी रैकेट का खुलासा 

जासूसी नेटवर्क का संचालन सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर कर रहे थे. सुहैल मलिक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि साने इरम उर्फ महक इस नेटवर्क को चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी. इसके अलावा प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार भी गिरफ्तार हुए हैं. पूछताछ में पता चला कि नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और नेपाल तक फैला हुआ था। 

CCTV और GPS लोकेशन का इस्तेमाल
आरोपियों ने रेलवे स्टेशन और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की लाइव वीडियो और GPS लोकेशन विदेश में बैठे हैंडलर्स को भेजी. इसके लिए मोबाइल फोन में एक खास एप्लिकेशन इंस्टॉल किया गया था, जिसकी ट्रेनिंग ऑनलाइन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने दी थी. नेटवर्क के कई आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर कैमरे छिपाकर लगाये. पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है। 

14 मार्च से SIT की कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई, जब थाना कौशांबी पुलिस को भोवापुर इलाके में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली. इसके बाद BNS की धारा 61(2)/152 और ऑफिशियल एक्ट की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया गया. 5 युवक और 1 महिला को गिरफ्तार किया गया। 

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और महत्वपूर्ण लोकेशन मिलीं. इनके खिलाफ जांच के लिए एसआइटी गठित की गई. SIT में एसीपी रैंक के दो अधिकारी और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं. इसमें अपराध शाखा, खुफिया विभाग, साइबर क्राइम टीम और SWAT टीम की मदद ली जा रही है। 

20 मार्च को 9 और आरोपी गिरफ्तार
SIT ने 20 मार्च को 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल थे. गिरफ्तार आरोपियों में गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति और दुर्गेश निषाद के नाम सामने आए. पूछताछ में पता चला कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर रेलवे और सुरक्षा ठिकानों की रेकी करते और फोटो, वीडियो व GPS लोकेशन भेजते थे। 

जासूसी नेटवर्क ने भारतीय मोबाइल नंबरों के OTP विदेश भेजकर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने की योजना बनाई थी. इसके लिए आरोपी 500 से 5000 रुपये तक लेते थे. सिम कार्ड हासिल करने के लिए स्नैचिंग, एजेंट्स से प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदना और अपने या परिवार के नाम पर सिम लेना जैसे तरीके अपनाए गए. पैसे के लेन-देन के लिए UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सीधे खाते में पैसे नहीं लिए. इसके बजाय जन सेवा केंद्रों या दुकानों के जरिए ट्रांसफर कर नकद राशि हासिल की जाती थी। 

मोबाइल, OTP और सिम कार्ड के जरिए जासूसी
जांच में यह भी पता चला कि नेटवर्क ने तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपने साथ जोड़ा था, जैसे मोबाइल मैकेनिक, CCTV ऑपरेटर और कंप्यूटर से जुड़े लोग. इन युवाओं को पैसों के लालच और विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देशों के तहत शामिल किया गया. पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश में लगी हुई है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इसके पीछे की साजिश की गहनता से जांच कर रही हैं. यह मामला देश की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। 

TAGGED:CCTVfeaturedUttar Pradesh
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर छत्तीसगढ़ में 6 दिवसीय फेम ट्रिप संपन्न, रायपुर में पर्यटन को नई दिशा मिली छत्तीसगढ़ में 6 दिवसीय फेम ट्रिप संपन्न, रायपुर में पर्यटन को नई दिशा मिली
अगली ख़बर क्या थलपति विजय चुनाव के बाद तृषा कृष्णन से करेंगे शादी? क्या थलपति विजय चुनाव के बाद तृषा कृष्णन से करेंगे शादी?

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?