लालू परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं, तेज प्रताप के रवैये से तेजस्वी नाराज!

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बिहार की राजनीति में लगभग तीन दशकों से लालू परिवार सुर्खियों में रहे है। राज्य में भले ही राजद गत 16 साल से सत्ता से दूर रहा हो (कुछेक साल को छोड़कर) लेकिन विपक्ष के तौर पर लगातार मुखर रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है। राज्य में 90 के दशक से ही लालू प्रसाद का डंका बजता रहा है तो अब उनके शने:शने:  राजनीतिक अवसान के लिये प्रस्थान करने के बाद उनके छोटे पुत्र तेजस्वी यादव भी बखूबी एक्टिव नजर आते है।

लालू के अघोषित उत्तराधिकार है तेजस्वी

लेकिन बात यहीं नहीं खत्म होती है। लालू के उत्तराधिकार अघोषित रुप से तेजस्वी यादव है। इसके लिये लालू ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर तेजस्वी को आगे बढ़ाया। हालांकि तेजस्वी यादव ने खुद को पिछले विधानसभा में पिता के अनुपस्थिति में साबित करके दिखा दिया। जिससे पार्टी हमेशा उनके पीछे खड़ी रहती है। इसके वाबजूद लालू के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ही राजद में बखेड़ा खड़े करते रहते है।

जगदानंद से नाराज चल रहे तेज प्रताप

हाल-फिलहाल में तेज प्रताप गाहे-बगाहे राजद प्रदेश अध्यक्ष और बुजुर्ग नेता जगदानंद सिंह पर गरजते-बरसते रहते है। जो तेजस्वी यादव को ही नहीं बल्कि पार्टीा समेत लालू प्रसाद को भी नागवार गुजरता है। हालांकि तेज प्रताप के मूड से शायद ही कोई अनभिज्ञ हो लेकिन बैठे-बैठाये विरोधी दलों को चुटकी लेने का मौका दे ही देते है। यह भी कम आश्चर्य नहीं है कि तेज प्रताप मंच से हमेशा तेजस्वी यादव को सीएम पद का योग्य उम्मीदवार की घोषणा करते है। वो भी ऐसे लालू अंदाज में कि सामने वाला लोटपोट हो जाए। वे कभी खुद को कृष्ण बताते है तो छोटे भाई को अर्जुन कहते है।

लालू परिवार में पहले भी होते रहे हैं उठापटक

लेकिन तेज प्रताप का दर्द कुछ और ही है। उन्हें महसूस होता है कि पार्टी ही उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है। जिससे वे बिदक जाते है।  कुछ दिन पहले ही छात्र राजद की बैठक हुई तो जगदानंद पर ही भड़क गए। उन्हें हिटलर तक करार दिया। लेकिन तेज प्रताप के बनाये छात्र राजद के अध्यक्ष आकाश यादव पर जब बौखलाए जगदानंद ने गाज गिराई तो बिहार के इस कथित कृष्ण का फिर से गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। दरअसल आकाश यादव दोनों भाई के बीच खड़े हो गए। उन्होंने छात्र राजद की बैठक में तेज प्रताप का फोटो तो लगाया लेकिन तेजस्वी यादव को पोस्टर से ही गायब कर दिया। जिससे नाराज होकर जगदानंद बाबू ने तेजस्वी के इशारे पर आकाश को चलता कर गगन कुमार को छात्र राजद का अध्यक्ष बना दिया। 

बिहार में चला पोस्टर वार

खैर बिहार में पोस्टरवा वार-प्रहार सिर्फ राजद ही नहीं बल्कि यह रोगवा तो सत्ताधारी पार्टी जदयू को भी भीतर-भीतर घाव कर दिया है। जिससे लालू की ही तरह अपनी पार्टी में सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार भी आहत रहते है। अब सबको इंतजार है कि जब लालू प्रसाद खुद जेल से बाहर है तो वे इस अध्याय को कैसे समाप्त करते है। देखा जा रहा था कि कांधार अशांत है लेकिन लालू परिवार में यह जारी उथल-पुथल ने भी सबका ध्यान खींचा है। जिससे एक बार फिर लालू यादव पर सबकी नजर टिक गई है।       

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