सोमवार, अप्रैल 20, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: भारत मॉडल की ओर झुकाव! 70% बांग्लादेशी ने ‘जुलाई चार्टर’ को दी मंजूरी
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - भारत मॉडल की ओर झुकाव! 70% बांग्लादेशी ने ‘जुलाई चार्टर’ को दी मंजूरी

भारत मॉडल की ओर झुकाव! 70% बांग्लादेशी ने ‘जुलाई चार्टर’ को दी मंजूरी

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 14, 2026 6:23 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 2 महीना पहले
भारत मॉडल की ओर झुकाव! 70% बांग्लादेशी ने ‘जुलाई चार्टर’ को दी मंजूरी
साझा करें

ढाका  
बांग्लादेश के इतिहास में 12 फरवरी, 2026 की तारीख एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गई है। देश में संपन्न हुए आम चुनावों में तारिक रहमान के नेतृत्व वाले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) गठबंधन ने 297 में से 210 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही, लगभग 35 वर्षों में तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। यह चुनाव केवल सत्ता हस्तांतरण के लिए नहीं था, बल्कि देश की शासन प्रणाली को पूरी तरह से बदलने के लिए एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी था। चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनमत संग्रह में 60.26 प्रतिशत मतदान हुआ। इनमें से 70 प्रतिशत लोगों ने भारत की तरह संसदीय व्यवस्था के पक्ष में मतदान किया है।

मतदाताओं ने व्यापक सुधार पैकेज, जिसे “जुलाई चार्टर 2025” के रूप में जाना जाता है, के कार्यान्वयन के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। हां के पक्ष में 4,80,74,429 मत मिले हैं। यह स्पष्ट बहुमत है। वहीं, ना के पक्ष में 2,25,65,627 पड़े हैं। आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने मीडिया को बताया कि जनता ने देश के पुनर्गठन के पक्ष में अपनी मुहर लगा दी है।

क्या है जुलाई चार्टर?
यह चार्टर अगस्त 2024 में प्रधान मंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सत्ता के केंद्रीकरण को रोकना और राज्य की प्रमुख संस्थाओं को पुनर्गठित करना है ताकि भविष्य में तानाशाही और फासीवादी शासन की पुनरावृत्ति न हो। इस चार्टर में 84 सुधार बिंदु शामिल हैं, जिन्हें लागू करने के लिए एक संवैधानिक सुधार परिषद (Constitutional Reform Council) 270 कार्य दिवसों के भीतर काम करेगी।

जुलाई चार्टर के प्रमुख प्रस्ताव
1. प्रधानमंत्री कार्यकाल की सीमा: सत्ता के दीर्घकालिक केंद्रीकरण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के लिए सख्त कार्यकाल सीमा निर्धारित करना।

2. द्विसदनीय संसद: विधायी शक्ति को संतुलित करने के लिए 100 सीटों वाले एक नए उच्च सदन का निर्माण, जिसमें सीटें पार्टी के राष्ट्रीय वोट शेयर के आधार पर आवंटित की जाएंगी। आपको बता दें कि भारत में भी लोकसभा और राज्यसभा जैसी दो सदन वाली संसदीय व्यवस्था है।

3. कार्यकारी शक्तियों में कमी: प्रधानमंत्री कार्यालय की शक्तियों को कम करने के लिए राष्ट्रपति की भूमिका को मजबूत करना।

4. न्यायिक और संस्थागत स्वतंत्रता: न्यायपालिका और अन्य प्रमुख राज्य संस्थाओं को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने के उपाय।

5. विपक्ष की भागीदारी: प्रमुख संसदीय समितियों का नेतृत्व करने और डिप्टी स्पीकर के रूप में सेवा करने के लिए विपक्षी नेताओं के प्रावधान शामिल करना।

6. जुलाई सेनानियों को सुरक्षा: विद्रोह में भाग लेने वाले प्रतिभागियों जिन्हें “जुलाई सेनानी” कहा जाता है, को सुरक्षा प्रदान करना।

7. महिलाओं का प्रतिनिधित्व: संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना।

यह तीसरी बार है जब बांग्लादेश में सुधारों का चार्टर पेश किया गया है। अब BNP की नई सरकार के सामने चुनौती यह है कि वह इन सुधारों को कैसे लागू करती है और पिछले शासन की अस्थिरता के बाद देश को स्थिरता की ओर कैसे ले जाती है।

 

TAGGED:Bangladesh reliesInternational News
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर कदम — एमबी पावर स्कूल अब DAV प्रबंधन के साथ। शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर कदम — एमबी पावर स्कूल अब DAV प्रबंधन के साथ।
अगली ख़बर खुले नाले ने ली मासूम की जान, पटना में दो साल की बच्ची की दर्दनाक मौत खुले नाले ने ली मासूम की जान, पटना में दो साल की बच्ची की दर्दनाक मौत

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?