सोमवार, मई 4, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: पूर्व CM भूपेश का खुलासा: दिल्ली बुलाया गया, BJP जॉइन का ऑफर, मना करने पर हुई का
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - पूर्व CM भूपेश का खुलासा: दिल्ली बुलाया गया, BJP जॉइन का ऑफर, मना करने पर हुई का

पूर्व CM भूपेश का खुलासा: दिल्ली बुलाया गया, BJP जॉइन का ऑफर, मना करने पर हुई का

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 11, 2026 7:03 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 3 महीना पहले
पूर्व CM भूपेश का खुलासा: दिल्ली बुलाया गया, BJP जॉइन का ऑफर, मना करने पर हुई का
साझा करें

रायपुर
 पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में कहा कि मुझे भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। जब कमिटमेंट नहीं दिया तो मेरे यहां लगातार छापे पड़ने लगे।

भूपेश बघेल ने कहा कि एक-दो बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मिलने के लिए बुलाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। शुरुआत में समझ नहीं आया कि किस मकसद से बुलाया जा रहा है। बाद में एहसास हुआ कि जब-जब वे इन मुलाकातों से लौटते थे, उसके कुछ दिनों के भीतर छापा पड़ जाता था।

भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर

भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी।

8-10 दिन अंदर फिर से पड़ता था छापा

पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे।

ज्ञात हो कि कई बड़े मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता कपिल सिब्बल यू ट्यूब में दिल से विद कपिल सिब्बल नाम का एक शो संचालित करते हैं. अपने इस शो में उन्होंने देश की कई नामचीन हस्तियों से बातचीत की है. अभी चंद दिनों पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अपने शो में आमंत्रित किया था. इस शो में जब कपिल सिब्बल ने बघेल से पूछा कि क्या मोदी और शाह ने कभी भाजपा में शामिल होने के लिए कोई दबाव डाला था तो जवाब में बघेल ने कहा कि एक-दो बार मुझे गृहमंत्री अमित शाह ने बुलाया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आमंत्रित किया था. जब दोनों नेताओं ने मुझे बुलाया तो मैं यह समझ नहीं पाया कि मुझे किसलिए बुलाया गया है, लेकिन उनका इशारा बाद में समझ में आया. जब मैं उनसे मिलकर आता था तो उसके बाद और ज्यादा छापा पड़ता था…फिर वे पूछते थे कि आपको कैसे मदद करें. उनकी लाइन यहीं होती थी कि आपके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं ? कौन-कौन से अधिकारी आपके विश्वसनीय है.

बघेल ने कपिल सिब्बल को बताया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात के बाद उन्हें इस बात का सुखद आश्चर्य भी होता था कि विपक्ष में होने के बावजूद दोनों नेता उनकी मदद के लिए तत्पर है. इंटरव्यूह में बघेल यह कहते हुए भी दिखाई देते है कि- जब-जब मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलता था तो यह जरूर कहता था कि मैं विपक्ष में हूं और विपक्ष का धर्म है कि आपकी आलोचना करुं…बावजूद इसके आप सहयोग करना चाहते हैं. बस…इतना कहकर जाता था और आठवें दिन फिर से  छापा पड़ जाता था. एक बार मैंने प्रधानमंत्री को फोन पर कहा कि आपने तो मदद करने को कहा था, लेकिन इधर तो रेड डलवा दी आपने. प्रधानमंत्री का जवाब था-मैं अधिकारियों से बात करता हूं.

बघेल के इस बयान के बाद राजनीति के गलियारों में हलचल मची हुई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि देश के कई अन्य नेताओं की तरह बघेल भी भाजपा की वाशिंग मशीन में प्रवेश लेते तो उन पर और उनके पुत्र चैतन्य बघेल पर जबरिया लादे गए प्रकरणों से उन्हें निजात तो मिल जाती, लेकिन उनकी इमेज संकट के समय भी कांग्रेस का साथ न छोड़ने वाले एक प्रतिबद्ध कांग्रेसी नेता के तौर पर बनी हुई है तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा नुकसान झेलना भी पड़ता.

भाजपा में आने का इशारा था- भूपेश

भूपेश बघेल ने कहा कि शुरुआत में समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां छापे पड़ते थे।

भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर

भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी।

8-10 दिन के अंदर फिर से पड़ता था छापा

पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे।

भाजपा में आने का इशारा था- भूपेश

भूपेश बघेल ने कहा कि शुरुआत में समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां छापे पड़ते थे।

18 जुलाई 2025 को ED ने किया था चैतन्य को गिरफ्तार

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था, हालांकि अब उन्हें जमानत मिल गई है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया।

साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई। हालांकि, शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य को 2 जनवरी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। शराब घोटाला केस में हाईकोर्ट ने सह-आरोपी लक्ष्मी नारायण बंसल को अरेस्ट नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।

TAGGED:Bhupesh BaghelChhattisgarhfeatured
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर मुठभेड़ के दौरान कुख्यात अपराधी राजीव उर्फ सूर्या को लगी गोली, अस्पताल में भर्ती मुठभेड़ के दौरान कुख्यात अपराधी राजीव उर्फ सूर्या को लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
अगली ख़बर मुख्यमंत्री डॉ. यादव: पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता मुख्यमंत्री डॉ. यादव: पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?