शनिवार, मार्च 14, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: 8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव: NCERT ने जोड़ा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - करियर - 8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव: NCERT ने जोड़ा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का

8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव: NCERT ने जोड़ा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का

UB News Network
Last updated: मार्च 4, 2026 9:44 पूर्वाह्न
By : UB News Network
Published on : 1 सप्ताह पहले
8वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव: NCERT ने जोड़ा न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का
साझा करें

  नई दिल्ली
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी एनसीईआरटी ने आठवीं कक्षा के सेलेबस में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित पड़े मामलों का चैप्टर भी जोड़ा है. इस चैप्टर के बाद आठवीं कक्षा के बच्चे अब ये पड़ेंगे कि कैसे न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और अधिक संख्या में पेंडिंग केस से न्याय प्रक्रिया पर असर पड़ता है.  NCERT की ओऱ से कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान यानी सोशल साइंस की किताब में बदलाव किया है और पेंडिंग कोर्ट केस के बारे में जानकारी शामिल की है. 

सिलेबस में इस बदलाव के लिए काउंसिल के सदस्यों ने प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की थी. पिछले पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव करते हुए नए पैराग्राफ़ को एड किया गया है जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार जैसे विषय को जोड़ा गया है और अदालतों में पेंडिंग मामले के बारे में भी बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया गया है. इस किताब के ज़रिए आदमी के बच्चे न्याय व्यवस्था के सामने चुनौतियां के विषय के बारे में जानेंगे. 

अब क्या है नया?

नए चैप्टर “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” में न्यायपालिका में विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार को एक प्रमुख समस्या के रूप में बताया गया है. साथ ही, कोर्ट में पेंडिंग केस की संख्या को न्यायिक चुनौतियों की तरह लिस्ट किया गया है, जो कई कारणों से—जैसे जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाएँ और खराब आधारभूत संरचना—के चलते पैदा होती है.    

इस पाठ में यह भी बताया गया है कि अकेले सुप्रीम कोर्ट में 81 हज़ार लंबित मामले हैं तो देश भर के हाई कोर्ट में 60, लाख से ज्यादा लंबित मामले हैं जिन पर सुनवाई यह फैसला नहीं हो पाया है. इसके अलावा निचली अदालतों में यह संख्या 4 करोड़ से भी ज्यादा है जिसमें फैसला नहीं हो पाया है. 

लेकिन, नए कोर्स में कुछ बदलाव किए गए हैं जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का ज़िक्र किया गया है. नए संस्करण के इस अध्याय में ये भी बताया गया है कि कैसे सरकार द्वारा बनाए गए कुछ कानूनों को न्यायपालिका ने निरस्त कर दिया जबकि उन कानूनों को संसद की मंज़ूरी थी लेकिन उसे चुनौती दी गई थी जिसके बाद न्यायपालिका ने उन कानूनों पर रोक लगा दी थी. नए संस्करण को मंजूरी मिल चुकी है और जल्दी किताबें बाजार में आ जाएंगी.

पहले क्या पढ़ाया जाता था?
हालांकि पिछले सेशन में इसी पाठ में न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और उसकी संरचना के साथ साथ उनके अधिकारों के बारे में पढ़ाया जाता था, लेकिन अब न्यायपालिका के भीतर भ्रष्टाचार का भी ज़िक्र किया गया है. NCERT ने इस विषय को भी जोड़ा है कि न्यायपालिका की जवाब देही की व्यवस्था कैसे होगी और हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जजों के कोड ऑफ़ कंडक्ट उनके ख़िलाफ़ शिकायतें और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया के बारे में भी बढ़ाया जाएगा.

पहले कार्यपालिका और न्यायपालिका वाले पाठ में सिर्फ ये पढ़ाया जाता था कि न्यायपालिका सरकार का वह महत्वपूर्ण अंग है जो देश के कानूनों की व्याख्या और उनका पालन सुनिश्चित करती है. यह संविधान की संरक्षक के रूप में कार्य करती है और देखती है कि विधायिका और कार्यपालिका अपने अधिकारों का सही उपयोग करें. अगर संसद में बनाया गया कोई कानून संविधान के विरुद्ध हो, तो न्यायपालिका उसे निरस्त कर सकती है. 

अगर कार्यपालिका कानून लागू करते समय सीमा का उल्लंघन करे, तो न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है. इस प्रकार शक्तियों का विभाजन और संतुलन बना रहता है, जिससे किसी एक अंग के पास अत्यधिक शक्ति न हो और नागरिकों के मूल अधिकार सुरक्षित रहें. 

TAGGED:Education/CareerNCERT
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर रायपुर: नक्सल प्रभावित क्षेत्र से छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन हब रायपुर: नक्सल प्रभावित क्षेत्र से छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन हब
अगली ख़बर होली के पावन दिन करें यह छोटा उपाय, धन-वैभव से भर जाएगा पूरा साल होली के पावन दिन करें यह छोटा उपाय, धन-वैभव से भर जाएगा पूरा साल

ये भी पढ़ें

मुरैना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता का उदाहरण, घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय

मुरैना के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता का उदाहरण, घायल राष्ट्रीय पक्षी मोर को समय

नक्सलियों पर शिकंजा: 10 लाख का इनामी कमांडर सहित दो माओवादी झारखंड पुलिस के हत्थ

नक्सलियों पर शिकंजा: 10 लाख का इनामी कमांडर सहित दो माओवादी झारखंड पुलिस के हत्थ

कोविड पीड़ितों के लिए मुआवजा: ‘नो-फॉल्ट’ कंपेंसेशन पॉलिसी से मिलेगा न्याय या बढ़

कोविड पीड़ितों के लिए मुआवजा: ‘नो-फॉल्ट’ कंपेंसेशन पॉलिसी से मिलेगा न्याय या बढ़

लखनऊ-गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने से इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन और अनुसंधा

लखनऊ-गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने से इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन और अनुसंधा

राजगढ़ में गैस एजेंसियों के लिए नए नियम, अधिक पैसे लेने पर कलेक्टर ने कार्रवाई क

राजगढ़ में गैस एजेंसियों के लिए नए नियम, अधिक पैसे लेने पर कलेक्टर ने कार्रवाई क

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?