गुरूवार, मार्च 5, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: रंगों की जगह राख, ढोल-नगाड़ों की गूंज श्मशान में: भीलवाड़ा की अनोखी होली देख हैर
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - रंगों की जगह राख, ढोल-नगाड़ों की गूंज श्मशान में: भीलवाड़ा की अनोखी होली देख हैर

रंगों की जगह राख, ढोल-नगाड़ों की गूंज श्मशान में: भीलवाड़ा की अनोखी होली देख हैर

UB News Network
Last updated: मार्च 3, 2026 7:47 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 2 दिन पहले
रंगों की जगह राख, ढोल-नगाड़ों की गूंज श्मशान में: भीलवाड़ा की अनोखी होली देख हैर
साझा करें

भीलवाड़ा

जहां देशभर में धुलंडी पर रंग और गुलाल उड़ते हैं, वहीं राजस्थान के भीलवाड़ा में होली की एक अनोखी और दार्शनिक परंपरा निभाई जाती है। यहां रंगों से नहीं, बल्कि चिता की भस्म से होली खेली जाती है वह भी आधी रात को श्मशान में। पिछले 17 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब शहर की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।

यह आयोजन शहर के पंचमुखी मोक्षधाम स्थित प्राचीन मसानिया भैरवनाथ बाबा मंदिर में होता है। मान्यता है कि इसकी शुरुआत काशी के मणिकर्णिका घाट की तर्ज पर की गई थी, जहां जीवन और मृत्यु का दर्शन एक साथ होता है।

होलिका दहन की रात लगभग सवा 11 बजे बाबा भैरवनाथ की पालकी मंदिर से निकलती है। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और जयकारों के बीच शोभायात्रा पंचमुखी मोक्षधाम के श्मशान क्षेत्र की ओर बढ़ती है। करीब सवा 12 बजे पालकी चिता स्थल पर पहुंचती है, जहां कंडों की विशेष होली जलाई जाती है।

इसके बाद परिजनों की अनुमति से एकत्र की गई चिता की भस्म को गुलाल की तरह हवा में उड़ाया जाता है और श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ के साथ भस्म की होली खेलते हैं। श्मशान की नीरवता के बीच जब “बोलो बाबा भैरवनाथ की जय” के जयकारे गूंजते हैं, तो वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है। मंदिर के पुजारी रवि कुमार के अनुसार, “यह परंपरा भय उत्पन्न करने के लिए नहीं, बल्कि मृत्यु के भय को समाप्त करने के लिए है। राख हमें याद दिलाती है कि शरीर नश्वर है और आत्मा अमर। इसलिए यहां की होली केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भस्म की होली खेलने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है, नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं और मानसिक बल मिलता है। यही कारण है कि इस अनूठे आयोजन में शामिल होने के लिए लोग पूरे वर्ष प्रतीक्षा करते हैं। इस आयोजन में केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। महिलाएं, बच्चे और युवा सभी श्रद्धा भाव से इसमें भाग लेते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, काशी के मणिकर्णिका घाट के बाद देश में भीलवाड़ा ऐसा दूसरा स्थान माना जाता है, जहां चिता भस्म से होली खेली जाती है। यही वजह है कि यह आयोजन अब धार्मिक पर्यटन का केंद्र भी बनता जा रहा है।

जहां ब्रज की लट्ठमार होली और राजस्थान की कोड़ा-मार होली प्रसिद्ध हैं, वहीं भीलवाड़ा की यह श्मशान होली अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यहां रंगों की चकाचौंध नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम सत्य का साक्षात्कार होता है। राख से सना शरीर और गूंजते जयकारे यह संदेश देते हैं कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के संतुलन का भी पर्व है।

TAGGED:ashes HoliBhilwaraRajasthan
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी या झटका? HRA दरों और शहरों की श्रेणी पर 8वें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी या झटका? HRA दरों और शहरों की श्रेणी पर 8वें
अगली ख़बर विंटेज कारों का शौक और देशभक्ति का रंग: ‘बैटल ऑफ गलवान’ में सलमान खान की असली जी विंटेज कारों का शौक और देशभक्ति का रंग: ‘बैटल ऑफ गलवान’ में सलमान खान की असली जी

ये भी पढ़ें

टिकट कटने के बाद छलका आनंद शर्मा का दर्द, कहा– सच कहने की सजा मिली

टिकट कटने के बाद छलका आनंद शर्मा का दर्द, कहा– सच कहने की सजा मिली

बिहार में सत्ता बदलाव की अटकलें: नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा, कब होगा नए सीएम क

बिहार में सत्ता बदलाव की अटकलें: नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा, कब होगा नए सीएम क

सुप्रीम कोर्ट की जज का संदेश: पद नहीं, न्याय को प्राथमिकता दें

सुप्रीम कोर्ट की जज का संदेश: पद नहीं, न्याय को प्राथमिकता दें

बाबूलाल मरांडी ने नीतीश कुमार के ट्वीट पर दी प्रतिक्रिया, बोले– सुशासन में आपका

बाबूलाल मरांडी ने नीतीश कुमार के ट्वीट पर दी प्रतिक्रिया, बोले– सुशासन में आपका

31 देशों की यात्रा अधूरी रह गई, पेरू में बाइक क्रैश के बाद ‘फ्लाइंग खालसा’ ने मम

31 देशों की यात्रा अधूरी रह गई, पेरू में बाइक क्रैश के बाद ‘फ्लाइंग खालसा’ ने मम

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?