मंगलवार, फरवरी 17, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: महिला लेखन को बढ़ावा देने परिचर्चा का आयोजन, मण्डप में
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - महिला लेखन को बढ़ावा देने परिचर्चा का आयोजन, मण्डप में

महिला लेखन को बढ़ावा देने परिचर्चा का आयोजन, मण्डप में

UB News Network
Last updated: जनवरी 23, 2026 6:59 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 4 सप्ताह पहले
महिला लेखन को बढ़ावा देने परिचर्चा का आयोजन, मण्डप में
साझा करें

रायपुर .
लाला जगदलपुरी मण्डप में समकालीन महिला लेखन पर सार्थक परिचर्चा

रायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन लाला जगदलपुरी मण्डप में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के प्रथम सत्र में “समकालीन महिला लेखन” विषय पर गहन एवं सार्थक परिचर्चा संपन्न हुई। इस सत्र में सुश्री इंदिरा दांगी, सुश्री श्रद्धा थवाईत, सुश्री जया जादवानी तथा सुश्री सोनाली मिश्र ने सहभागिता करते हुए महिला लेखन की बदलती भूमिका और उसकी सामाजिक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि समकालीन महिला लेखन अब भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही समाज के यथार्थ, संघर्ष, असमानताओं और संवेदनाओं को सशक्त रूप में सामने लाने का माध्यम बन चुका है। आज का स्त्री लेखन आत्मकथात्मक होने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन को भी प्रतिबिंबित कर रहा है, जो पाठक को सोचने और प्रश्न करने के लिए प्रेरित करता है।

परिचर्चा के दौरान महिला सशक्तिकरण, समानता, सामाजिक न्याय और बदलते पारिवारिक व सामाजिक ढांचे जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि महिला लेखन ने साहित्य में नई भाषा, नए अनुभव और नए सरोकार जोड़े हैं, जिससे साहित्य अधिक समावेशी और यथार्थपरक बना है।

वक्ताओं ने कहा कि समकालीन महिला लेखन समाज में सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम बन रहा है। यह न केवल स्त्री अनुभवों को स्वर देता है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करता है। साथ ही महिला लेखन भारतीय साहित्य को नई दृष्टि, नई संवेदना और नई दिशा प्रदान कर रहा है।

TAGGED:ChhattisgarhJagdalpuri
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झा देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर कर्तव्य पथ पर सजी छत्तीसगढ़ की झा
अगली ख़बर इवेंट्स की पूरी जानकारी चाहिए? अब यहीं मिल जाएगी हर अपडेट इवेंट्स की पूरी जानकारी चाहिए? अब यहीं मिल जाएगी हर अपडेट

ये भी पढ़ें

हिमंत सरमा का बंगाल पर कटाक्ष: ‘असली बाबरी मस्जिद नहीं, अब पुतला बनाकर क्या मिले

हिमंत सरमा का बंगाल पर कटाक्ष: ‘असली बाबरी मस्जिद नहीं, अब पुतला बनाकर क्या मिले

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- समावेशी विकास के साथ तीव्र गतिशील अर्थव्यवस्था वाला

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- समावेशी विकास के साथ तीव्र गतिशील अर्थव्यवस्था वाला

भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन

भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन

जिस अस्पताल में भर्ती हैं CM भगवंत मान, वहां बम की धमकी से मचा अलर्ट, जांच तेज

जिस अस्पताल में भर्ती हैं CM भगवंत मान, वहां बम की धमकी से मचा अलर्ट, जांच तेज

किसानों की आय बढ़ाने के लिए फार्म पॉन्ड व सहकारिता मॉडल पर जोर

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?