गुरूवार, अप्रैल 23, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: पानी पर नया संग्राम: पंजाब ने उठाया ऐतिहासिक समझौते का मुद्दा, राजस्थान से भारी
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - पानी पर नया संग्राम: पंजाब ने उठाया ऐतिहासिक समझौते का मुद्दा, राजस्थान से भारी

पानी पर नया संग्राम: पंजाब ने उठाया ऐतिहासिक समझौते का मुद्दा, राजस्थान से भारी

UB News Network
Last updated: मार्च 18, 2026 7:17 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 1 महीना पहले
पानी पर नया संग्राम: पंजाब ने उठाया ऐतिहासिक समझौते का मुद्दा, राजस्थान से भारी
साझा करें

चंडीगढ़
पंजाब ने राजस्थान को दिए जा रहे पानी पर ₹1.44 लाख करोड़ के संभावित भुगतान का मुद्दा उठाया है। 1920 के समझौते, सिंचाई सुधार और बढ़ते जल विवाद ने सियासी माहौल गरमा दिया है।

ऐतिहासिक समझौते से उठा नया विवाद
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए राजस्थान को दिए जा रहे पानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि पानी की आपूर्ति की शुरुआत 1920 में बीकानेर रियासत और बहावलपुर के बीच हुए समझौते से हुई थी, जो बाद में राजस्थान तक विस्तारित हुई। उस दौर में प्रति एकड़ के हिसाब से भुगतान तय था और यह व्यवस्था 1960 तक जारी रही।

1960 के बाद खत्म हुआ भुगतान सिस्टम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 1960 के बाद यह भुगतान प्रणाली समाप्त हो गई और नए तंत्र के लागू होने के बाद दोनों राज्यों ने इस विषय पर कोई मांग नहीं उठाई। अब पुराने रिकॉर्ड के आधार पर किए गए आकलन के अनुसार, 1960 से 2026 तक की अवधि में यह बकाया राशि करीब ₹1.44 लाख करोड़ तक पहुंचती है।

समझौते के आधार पर भुगतान की मांग
सरकार का कहना है कि यदि राजस्थान अब भी उसी ऐतिहासिक समझौते के तहत पानी ले रहा है, तो उसे भुगतान भी करना चाहिए। अन्यथा समझौते को समाप्त करने या पानी की आपूर्ति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है। इस मुद्दे को अब उच्च स्तर पर उठाने के संकेत दिए गए हैं।

बिना भुगतान के पानी सप्लाई पर सवाल
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में राजस्थान फीडर से लगभग 18,000 क्यूसेक पानी बह रहा है, जबकि इसके बदले कोई आर्थिक मुआवजा नहीं मिल रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले भुगतान क्यों किया जाता था और अब यह प्रक्रिया क्यों बंद हो गई।

सिंचाई क्षेत्र में बड़े बदलाव का दावा
राज्य सरकार ने सिंचाई क्षेत्र में बड़े सुधारों का दावा किया है। 2022 में सरकार बनने के समय जहां नहरों के पानी का उपयोग केवल 26.5 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 78 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे करीब 5.8 मिलियन एकड़ भूमि को लाभ मिला है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर हजारों करोड़ का निवेश
सरकार ने बताया कि लगभग ₹6,700 करोड़ खर्च कर चार वर्षों में सिंचाई बजट तीन गुना बढ़ाया गया। इस दौरान 13,938 किलोमीटर नई नहरें बनाई गईं और 18,000 किलोमीटर से अधिक पुराने ढांचे का पुनर्निर्माण किया गया।

गांवों तक पहली बार पहुंचा नहरी पानी
पंजाब के 1,454 गांव ऐसे थे जहां आजादी के बाद भी नहरी पानी नहीं पहुंचा था। अब पहली बार इन गांवों तक पानी पहुंचाया गया है। कंडी क्षेत्र में 1,500 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन बहाल कर 24,000 एकड़ जमीन को सिंचाई से जोड़ा गया।

“गायब” नहरों का पुनर्जीवन
सरकार ने उन नहरों को भी खोजकर चालू किया जो कागजों में मौजूद थीं लेकिन जमीन पर नहीं थीं। तरनतारन की सरहाली नहर का उदाहरण देते हुए बताया गया कि खुदाई में दबे ढांचे मिले और लगभग 22 किलोमीटर नहर को फिर से चालू किया गया।

भूजल स्तर में सुधार और परियोजनाओं की सफलता
नहरी पानी बढ़ने से भूजल पर दबाव कम हुआ है। गुरदासपुर के कई इलाकों में जल दोहन की दर आधे से ज्यादा घट गई है और 57 प्रतिशत से अधिक कुओं में जल स्तर 0 से 4 मीटर तक बढ़ा है। 25 साल से लंबित शाहपुर कंडी डैम परियोजना ₹3,394.49 करोड़ की लागत से पूरी हो चुकी है, जिससे सिंचाई के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा 26 नए पर्यटन स्थलों का विकास किया गया है।

जल विवाद के सियासी संकेत
मुख्यमंत्री के बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि पंजाब और राजस्थान के बीच पानी और भुगतान को लेकर विवाद फिर से उभर सकता है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगी और जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को केंद्र स्तर पर उठाया जाएगा।

TAGGED:PunjabPunjab-Rajasthan Water Disputetop-news
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर 31 मार्च तक हर जिले को दिया गया सभी आईडी बनाने का लक्ष्य 31 मार्च तक हर जिले को दिया गया सभी आईडी बनाने का लक्ष्य
अगली ख़बर वायलेंस और गालियों पर चली कैंची: धुरंधर 2 को 21 कट्स के बाद मिली हरी झंडी वायलेंस और गालियों पर चली कैंची: धुरंधर 2 को 21 कट्स के बाद मिली हरी झंडी

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?