रविवार, अप्रैल 26, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: सीएम योगी का बड़ा कदम: विवादित जमीन की रजिस्ट्री रोककर जनता को कानूनी झंझट से रा
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - सीएम योगी का बड़ा कदम: विवादित जमीन की रजिस्ट्री रोककर जनता को कानूनी झंझट से रा

सीएम योगी का बड़ा कदम: विवादित जमीन की रजिस्ट्री रोककर जनता को कानूनी झंझट से रा

UB News Network
Last updated: मार्च 11, 2026 4:06 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 2 महीना पहले
सीएम योगी का बड़ा कदम: विवादित जमीन की रजिस्ट्री रोककर जनता को कानूनी झंझट से रा
साझा करें

लखनऊ

यूपी में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े विवाद लंबे समय से आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं. कई मामलों में यह सामने आता रहा है कि किसी जमीन की रजिस्ट्री ऐसा व्यक्ति अपने नाम से कर देता है जो उसका वास्तविक मालिक ही नहीं होता. कभी प्रतिबंधित जमीन की बिक्री हो जाती है, तो कहीं सरकारी या कुर्क संपत्ति भी रजिस्ट्री के जरिए दूसरे के नाम दर्ज हो जाती है. ऐसे मामलों का नतीजा अक्सर वर्षों तक चलने वाले कोर्ट केस और आर्थिक-मानसिक परेशानियों के रूप में सामने आता है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अब योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने से जुड़ा अहम प्रस्ताव मंजूर किया गया है. सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद फर्जी और विवादित जमीन की रजिस्ट्री पर प्रभावी रोक लग सकेगी और आम लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिलेगी।

रजिस्ट्री से पहले होगी दस्तावेजों की सख्त जांच

नई व्यवस्था के तहत अब जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले उससे जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच अनिवार्य होगी. विशेष रूप से खतौनी, स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जो व्यक्ति जमीन बेच रहा है, वही उसका वास्तविक मालिक हो और संपत्ति पर किसी तरह का कानूनी विवाद या प्रतिबंध न हो. राज्य सरकार का मानना है कि यदि रजिस्ट्री से पहले ही दस्तावेजों की सख्ती से जांच कर ली जाए तो बाद में पैदा होने वाले कई विवादों को रोका जा सकता है।

क्यों जरूरी हुआ यह फैसला
राज्य के स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जयसवाल ने बताया कि हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें संपत्ति का वास्तविक मालिक कोई और होता है लेकिन रजिस्ट्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम हो जाती है. कई बार ऐसा भी होता है कि प्रतिबंधित या विवादित जमीन को भी बेच दिया जाता है. कुछ मामलों में तो कुर्क की गई संपत्ति या सरकारी जमीन का भी विक्रय विलेख तैयार कराकर उसका पंजीकरण करा लिया जाता है. ऐसे मामलों का पता तब चलता है जब बाद में कोई पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाता है. तब तक जमीन की खरीद-फरोख्त कई हाथों में जा चुकी होती है और विवाद और जटिल हो जाता है.

सीमित अधिकार के कारण हो जाती थी रजिस्ट्री
वर्तमान में जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1908 के तहत संचालित होती है. इस कानून के अनुसार उप-निबंधक के पास किसी दस्तावेज के पंजीकरण से इनकार करने के अधिकार बहुत सीमित हैं. कानून की धारा 35 के तहत उप-निबंधक केवल कुछ परिस्थितियों में ही रजिस्ट्री रोक सकता है. यही वजह है कि कई बार संदिग्ध मामलों में भी रजिस्ट्री हो जाती है और बाद में विवाद खड़ा हो जाता है. सरकार का कहना है कि इसी खामी को दूर करने के लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

कानून में जोड़ी जाएंगी नई धाराएं
सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन के तहत रजिस्ट्रेशन अधिनियम में नई धाराएं जोड़ी जाएंगी. इनमें प्रमुख रूप से धारा 22-A, 22-B और 35-A शामिल होंगी. धारा 22-A के तहत कुछ श्रेणियों की संपत्तियों के दस्तावेजों के पंजीकरण पर रोक लगाने का प्रावधान होगा. धारा 22-B के तहत पंजीकरण से पहले अचल संपत्ति की पहचान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाएगी. धारा 35-A के अंतर्गत यदि रजिस्ट्री के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों के साथ स्वामित्व, अधिकार, कब्जा या हस्तांतरण से जुड़े आवश्यक कागजात संलग्न नहीं होंगे, तो पंजीकरण अधिकारी को रजिस्ट्री से इनकार करने का अधिकार होगा. सरकार इन दस्तावेजों की सूची राजपत्र में अधिसूचना जारी कर तय करेगी।

विवादित जमीन की बिक्री पर लगेगी रोक
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से कई तरह की समस्याओं पर रोक लग सकेगी. उदाहरण के तौर पर- प्रतिबंधित जमीन की बिक्री, सरकारी भूमि की रजिस्ट्री, कुर्क संपत्ति का विक्रय, वास्तविक स्वामी के अलावा किसी और द्वारा जमीन बेच देना जैसे मामलों को शुरुआत में ही रोका जा सकेगा. इससे जमीन से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
राज्य सरकार का कहना है कि इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलेगा. अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर जमीन या मकान खरीदते हैं. बाद में यदि पता चलता है कि संपत्ति विवादित है या किसी और की है, तो उन्हें वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. नई व्यवस्था लागू होने से ऐसे मामलों की संभावना काफी कम हो सकती है।

अन्य राज्यों में भी लागू हैं ऐसे प्रावधान
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक देश के कई राज्यों में इसी तरह के प्रावधान पहले से लागू हैं, जहां संदिग्ध या विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है. उत्तर प्रदेश में भी अब इसी दिशा में कदम उठाया गया है, ताकि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके. यह प्रस्ताव भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची की प्रविष्टि-6 के अंतर्गत लाया गया है. इसका मतलब यह है कि जमीन और संपत्ति के पंजीकरण से जुड़े मामलों में राज्य सरकार को कानून बनाने का अधिकार है, बशर्ते वह संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप हो।

आगे क्या होगा
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव से संबंधित विधेयक को राज्य विधानमंडल में पेश किया जाएगा. विधानमंडल से स्वीकृति मिलने के बाद इसे कानून का रूप दिया जाएगा और फिर पूरे प्रदेश में नई व्यवस्था लागू की जाएगी. सरकार का मानना है कि यह कदम जमीन से जुड़े विवादों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रजिस्ट्री से पहले स्वामित्व और दस्तावेजों की जांच अनिवार्य हो जाती है, तो इससे संपत्ति लेन-देन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित हो जाएगी. इससे न केवल धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी बल्कि जमीन खरीदने वाले लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

TAGGED:CM YogifeaturedUttar Pradesh
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर भारी फीस का असर: 40 कटऑफ के बाद भी 780 मेडिकल पीजी सीटें नहीं भरीं भारी फीस का असर: 40 कटऑफ के बाद भी 780 मेडिकल पीजी सीटें नहीं भरीं
अगली ख़बर रचना टॉवर में सौंदर्यीकरण होगा, मंत्री सारंग ने दिया हरी झंडी, पार्क और जिम भी ब रचना टॉवर में सौंदर्यीकरण होगा, मंत्री सारंग ने दिया हरी झंडी, पार्क और जिम भी ब

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?