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दुनिया भारत से ले रही AI की प्रेरणा, ‘मन की बात’ में पीएम मोदी का बड़ा बयान

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 22, 2026 3:03 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 2 महीना पहले
दुनिया भारत से ले रही AI की प्रेरणा, ‘मन की बात’ में पीएम मोदी का बड़ा बयान
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नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर के उद्योग जगत के दिग्गज, इनोवेटर और स्टार्टअप सेक्टर से जु़ड़े लोग भारत मंडपम में इकट्ठे हुए हैं जो कि भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह समिट एआई को सकारात्मक दिशा में ले जाने और इसके उपयोग को लेकर एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। पीएम मोदी ने कहा ‘एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेता पशुओं के उपचार और किसानों को 24 घंटे सहायता प्रदान करने में एआई की अभूतपूर्व प्रगति से प्रभावित हुए।

भारत ने दिखाई अपनी क्षमता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट में दुनिया को एआई के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएँ देखने को मिली हैं और इस दौरान भारत ने तीन मेड इन इंडिया एआई माडल भी लांच किए। PM मोदी ने कहा देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म है। देश ने ऐसी ही उपलब्धि अभी दिल्ली में हुई ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट के दौरान देखी। कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इन्नोवेटर्स और स्टार्ट अप क्षेत्र से जुड़े लोग, एआई इंपैक्ट समिट के लिये भारत मंडपम में एकत्र हुए। आने वाले समय में एआई की शक्ति का उपयोग दुनिया किस प्रकार करेगी, इस दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण बिन्दु साबित हुई है।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में मुझे विश्व के नेताओं और टेक सीईओ से मिलने का भी अवसर मिला। एआई समिट की प्रदर्शनी में मैंने विश्व नेताओं को ढ़ेर सारी चीजें दिखाई। मैं दो बातों का विशेष रूप से उल्लेख करना चाहता हूँ। सम्मिट में इन दो उत्पादों ने दुनिया भर के नेताओं को बहुत प्रभावित किया। पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर था। इसमें बताया गया कि कैसे एआई जानवरों का इलाज करने में हमारी मदद कर रही है और कैसे 24×7 एआई की मदद से किसान अपनी डेयरी और जानवर का हिसाब रखते हैं।

प्रचीन ग्रंथों को देखकर हैरान रह गए लोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरा उत्पाद हमारी संस्कृति से संबंधित था। दुनिया भर के नेता ये देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे एआई की मदद से हम हमारे प्राचीन ग्रंथों को, हमारे प्राचीन ज्ञान को, हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं, आज की पीढी के अनुरूप ढ़ाल रहे हैं। प्रदर्शनी के दौरान प्रदर्शन के लिये सुश्रुत संहिता का चयन किया गया। पहले चरण में दिखाया गया कि कैसे तकनीक की मदद से हम पांडुलिपियों की तस्वीर की गुणवत्ता सुधारकर उन्हें पढ़ने लायक बना रहे हैं। दूसरे चरण में इस तस्वीर को मशीन के पढ़ने लायक मूलपाठ में बदला गया। अगले चरण में मशीन से पढने लायक मूलपाठ को एक एआई अवतार ने पढ़ा। और फिर, अगले चरण में हमने ये भी दिखाया कि कैसे तकनीक से ये अनमोल भारतीय ज्ञान भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है। भारत के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक अवतार के माध्यम से जानने में विश्व नेताओं ने बहुत दिलचस्पी दिखाई।
उन्होंने कहा कि इस समिट में दुनिया को एआई के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएँ देखने को मिली हैं। इस दौरान भारत ने तीन मेड इन इंडिया एआई माडल भी लांच किए। यह अपने आप में अब तक की सबसे बड़ी एआई समिट रही है। इस समिट को लेकर युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। मैं सभी देशवासियों को इस समिट की सफलता की बधाई देता हूं।

टी-20 विश्वकप पर क्या बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा खेल हमें जोड़ता भी है। आजकल आप टी-20 विश्व कप के मैच देख रहे होंगे और मुझे पक्का विश्वास है कि मैच देखते हुए कई बार आँखें किसी खास खिलाड़ी पर टिक जाती होंगी। जर्सी किसी और देश की होती है लेकिन नाम सुनकर लगता है कि अरे, ये तो अपने देश का है। तब दिल के किसी कोने में एक हल्की सी खुशी आती है। क्योंकि वो खिलाड़ी भारतीय मूल का होता है और वो उस देश के लिये खेल रहा होता है जहां उसका परिवार बस गया है। वे अपने-अपने देशों की जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं, पूरे मन से उस देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा की टीम में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं। टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। नवनीत धालीवाल चंडीगढ़ के हैं। इस सूची में हर्ष ठाकर, श्रेयस मोवा जैसे कई नाम हैं, जो कनाडा के साथ-साथ भारत का भी गौरव बढ़ा रहे हैं। अमेरिका की टीम में कई चेहरे भारत के घरेलू क्रिकेट से निकले हुए हैं। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीम के लिये भी खेल चुके हैं। मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह, दिल्ली के मिलिंद कुमार, ये सब अमेरिकी टीम की शान हैं। ओमान की टीम में आज कई चेहरे हैं जो पहले भारत के अलग-अलग राज्यों में खेल चुके हैं। जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करन, जय, आशीष जैसे खिलाड़ी ओमान क्रिकेट की मजबूत कड़ी हैं। न्यूजीलैंड, यूएई और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी जगह बना रहे हैं।

पीएम मोदी ने ”आजादी के अमृत महोत्सव” में लिए गए ”पंच प्राण” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश अब गुलामी की मानसिकता से मुक्ति की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब औपनिवेशिक प्रतीकों को पीछे छोड़कर अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ी महान विभूतियों को उचित सम्मान दे रहा है। मोदी ने कहा कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में ”राजाजी उत्सव” का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन के केन्द्रीय प्रांगण में देश के पहले भारतीय गर्वनर जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री राजगोपालाचारी ने सार्वजनिक जीवन में सादगी, आत्मसंयम तथा सेवा भाव का उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि राजाजी उन नेताओं में थे जिन्होंने सत्ता को पद नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। उनका स्वतंत्र चिंतन और नैतिक आचरण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में पूर्व में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा स्थापित थी, जिसे हटाकर अब राजाजी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। उन्होंने इसे औपनिवेशिक प्रतीकों से आगे बढ़कर भारतीय अस्मिता को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि श्री राजगोपालाचारी के जीवन और योगदान पर आधारित एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जो 24 फरवरी से एक मार्च तक चलेगी। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे समय निकालकर इस प्रदर्शनी को अवश्य देखें और महान राष्ट्रनिर्माताओं से प्रेरणा लें।

 

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