मंगलवार, अप्रैल 14, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: क्या लिव-इन पार्टनर पर दहेज का केस संभव? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - क्या लिव-इन पार्टनर पर दहेज का केस संभव? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल

क्या लिव-इन पार्टनर पर दहेज का केस संभव? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल

UB News Network
Last updated: फ़रवरी 15, 2026 3:05 पूर्वाह्न
By : UB News Network
Published on : 2 महीना पहले
क्या लिव-इन पार्टनर पर दहेज का केस संभव? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा सवाल
साझा करें

नई दिल्ली

 सुप्रीम कोर्ट इस समय एक बेहद महत्वपूर्ण और जटिल कानूनी प्रश्न पर विचार कर रहा है, जिसमें क्या एक विवाहित पुरुष के खिलाफ उसकी लिव-इन पार्टनर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A (दहेज प्रताड़ना) के तहत मुकदमा दर्ज करा सकती है?

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कर्नाटक के एक हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर लोकेश बीएच से जुड़ा है। लोकेश का विवाह साल 2000 में हुआ था, लेकिन एक अन्य महिला ने दावा किया कि उसका विवाह लोकेश से 2010 में हुआ और उसने उन पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा जलाने के प्रयास का आरोप लगाया। लोकेश ने इन आरोपों को नकारते हुए तर्क दिया कि उनके और महिला के बीच कभी कोई वैध विवाह नहीं हुआ, इसलिए धारा 498A लागू ही नहीं होती।

हाई कोर्ट बनाम सुप्रीम कोर्ट

कर्नाटक हाई कोर्ट ने डॉक्टर की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि धारा 498A के प्रावधान लिव-इन रिलेशनशिप पर भी लागू हो सकते हैं। इस फैसले को चुनौती देते हुए डॉक्टर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनके वकील का तर्क है कि कानून के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, केवल ‘वैध पत्नी’ ही पति या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ यह शिकायत दर्ज करा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट का क्या है रुख?

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने इस सवाल को ‘विचारणीय’ माना है। न्यायालय ने केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा है और वरिष्ठ अधिवक्ता नीना नरिमन को ‘एमिकस क्यूरी’ (अदालती सलाहकार) नियुक्त किया है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या “विवाह के समान” (Marriage-like) लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले पुरुष पर दहेज प्रताड़ना का मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं।

TAGGED:courtfeatured
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर मुंबई हादसे पर सरकार एक्शन में, CM फडणवीस ने जांच बैठाई, पीड़ित परिवारों को राहत मुंबई हादसे पर सरकार एक्शन में, CM फडणवीस ने जांच बैठाई, पीड़ित परिवारों को राहत
अगली ख़बर रूस-अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत को तेल बेचने में सबसे आगे, रोजाना 1.13 मिलियन बै रूस-अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत को तेल बेचने में सबसे आगे, रोजाना 1.13 मिलियन बै

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?