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केंद्र सरकार का गिफ्ट: पहाड़ी राज्यों के इंजीनियरों को PSU में जॉब, जानें सैलरी

UB News Network
Last updated: जनवरी 16, 2026 3:44 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 3 महीना पहले
केंद्र सरकार का गिफ्ट: पहाड़ी राज्यों के इंजीनियरों को PSU में जॉब, जानें सैलरी
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केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसले के तहत देश के पहाड़ी राज्यों के स्थानीय इंजीनियरों को सार्वजनिक उपक्रम में काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। सरकारी उपक्रम में पहली बार अस्थायी नौकरी दी जाएगी। सरकार का मकसद युवा इंजीनियरों को पेशेवर रूप से दक्ष बनाना है, जिससे वह राज्य को नई ऊंचाई तक ले जा सकें। इससे युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक का अनुभव मिलेगा, जिससे वे अपने राज्यों का विकास कर सकेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लि. (एनएचएआईडीसीएल) प्रथम चरण में फरवरी में 64 सिविल इंजीनियरों के पदों पर भर्ती करेगा। यह भर्ती सिर्फ पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के स्थानीय स्नातक के लिए आरक्षित होगी।

एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय युवा इंजीनियर पहाड़ों में निर्माण के दौरान भौगोलिक चुनौतियों व स्थानीय पारिस्थितिकी को समझते हैं। उन्हें न केवल सरकार में रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अत्याधुनिक तकनीक और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे। इसके बाद भविष्य में वे राज्य सरकारों के साथ मिलकर वहां का विकास कर सकेंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाला पलायन भी कम होगा। दुर्गम इलाकों में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों, सुरंगों और पुलों के निर्माण में तेजी आएगी।

80 हजार तक मानदेय

एनएचएआईडीसीएल स्थानीय सिविल इंजीनियर्स स्टेट स्पेसिफिक ग्रेजुएट स्कीम के तहत मानदेय के रूप में 70,000 रुपये से 80,000 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाएगा। प्रति वर्ष वेतन में पांच फीसदी की वृद्धि होगी। शुरुआत में नियुक्ति दो साल के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर एक साल और (कुल तीन वर्ष) बढ़ाया जा सकता है।

अर्हता

प्रदेश का डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) होना अनिवार्य है। नए सिविल इंजीनियर स्नातक को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। नियुक्ति के समय तक डिग्री पूरी होनी चाहिए।

उम्मीदवार के पास सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक या समकक्ष विषय की डिग्री होनी चाहिए।

यह डिग्री IITs, NITs या NIRF रैंकिंग (इंजीनियरिंग श्रेणी) में टॉप 100 में शामिल किसी अन्य संस्थान से प्राप्त होनी चाहिए।

यदि उम्मीदवार अभी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहा/रही है, तो स्नातक वर्ष या उससे ठीक पिछले वर्ष की NIRF रैंकिंग मान्य होगी।

पात्रता से संबंधित शर्तें

I. इस योजना के अंतर्गत किसी विशेष राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (State/UT) के लिए विज्ञापित रिक्तियों में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का उसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का स्थायी निवासी (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है।

II. नए स्नातकों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

जो छात्र अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते कि वे कार्यभार ग्रहण करने से पहले स्नातक डिग्री पूरी कर लें।

III. कार्य अनुभव: आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद 0 से 2 वर्ष का कार्य अनुभव मान्य होगा।

क्या काम करने होंगे

1. डिटेल प्राजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन की समीक्षा करना।

2. भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण में जिला अधिकारियों के साथ समन्वय।

3. निर्माण स्थल का दौरा और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता व सुरक्षा की निगरानी।

4. अनुबंध प्रबंधन और तकनीकी पत्राचार में सहयोग।

 

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