शनिवार, मई 9, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17.77 लाख किसानों को ₹23,448 करोड़ का
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - छत्तीसगढ़ में धान खरीदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17.77 लाख किसानों को ₹23,448 करोड़ का

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17.77 लाख किसानों को ₹23,448 करोड़ का

UB News Network
Last updated: जनवरी 15, 2026 2:06 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 4 महीना पहले
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, 17.77 लाख किसानों को ₹23,448 करोड़ का
साझा करें

रायपुर 

 धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ ने नया रिकॉर्ड बनाया है. इस बार राज्य में रिकॉर्ड 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुईहै, जिसमें 17.77 लाख किसानों के खातों में सरकार ने 23,448 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है. यह आंकड़े 13 जनवरी तक की खरीदी और भुगतान के हैं, जबकि अभी धान खरीदी का काम चालू है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में धान के बंपर उत्पादन से खरीदी और भुगतान के पिछले सारे रिकॉड टूट गए हैं. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में यह नया रिकॉर्ड धान खरीदी का बन गया है. 

धान खरीदी पर सख्त 

वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि धान खरीदी को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अनियमितता पर 33 अधिकारियों को नोटिस अब तक भेजा गया है, जबकि 33 हजार क्विंटल धान को छत्तीसगढ़ में जब्त भी किया गया है. सरकार की तरफ से बताया गया कि रिकॉर्ड मात्रा में खरीदी और रिकॉर्ड राशि का वितरण यह बताता है कि धान खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का असर दिखा है. एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई भंडारण और निराकरण की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी निगरानी में की गई है. ताकि किसानों को धान खरीदी का पूरा फायदा मिल सके. 

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही  उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी  सीधे बढ़कर  ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

किसानों के खातों में पहुंचा भरोसे का पैसा

राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही धान खरीदी व्यवस्था का नतीजा है. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने का भरोसा मिला और भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं हुई. यही कारण है कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी उपज सरकारी केंद्रों तक लेकर पहुंचे.

कहीं आगे निकला यह सीजन

अगर पिछले कुछ सालों से तुलना करें तो यह उपलब्धि और भी बड़ी नजर आती है. साल 2020-21 में 13 जनवरी तक जहां करीब 72 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और 13,550 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा और भी कम रहा. 2022-23 में जरूर सुधार देखने को मिला था, लेकिन तब भी 97.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 20,022 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था. इन सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए मौजूदा सीजन ने नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं.

पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

इस बार की धान खरीदी में सबसे अहम भूमिका पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान की रही है. सरकार ने साफ संदेश दिया कि हर पात्र किसान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और उसकी पूरी कीमत समय पर मिलेगी. यही वजह है कि किसानों में सरकार के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिली है.

लापरवाही पर सख्ती, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

सरकार ने केवल खरीदी और भुगतान पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि भंडारण और प्रबंधन में गड़बड़ी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है. पिछले कुछ सालों में जहां भी धान भंडारण में कमी या लापरवाही पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को नोटिस दिए गए, निलंबन हुआ और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई. इससे साफ संदेश गया कि किसानों की मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत

धान खरीदी से सीधे तौर पर गांवों में नकदी का प्रवाह बढ़ा है. किसानों के पास अब रबी फसल के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन हैं. स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौटी है. सरकार का मानना है कि इसी तरह की नीतियों से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था आने वाले सालों में और मजबूत होगी.

31 जनवरी तक चलेगी खरीदी 

बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 जनवरी तक चलने वाली है, ऐसे में अभी किसानों के पास पूरे 16 दिन है, जहां समर्थन मूल्य पर सरकार की तरफ से धान खरीदी की जाएगी, छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 31 जनवरी तक चलने वाली है. इस बार किसानों के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और समय पर भुगतान राशि का प्रावधान किया गया है. इस बार धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए सरकार की तरफ से कई तरह की पारदर्शिताएं भी रखी गई है, जबकि किसानो के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है. 

बता दें कि अभी 31 जनवरी तक धान की खरीदी होनी है, ऐसे में धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ और रिकॉर्ड बना सकता है, क्योंकि फाइनल आंकड़ें आने के बाद यह तय होगा कि कितनी खरीदी हुई और कितना भुगतान हुआ है. 

TAGGED:Chhattisgarhfeaturedpaddy
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर शिवावतार महायोगी से मुख्यमंत्री ने की नागरिकों के सुखमय जीवन की मंगलकामना शिवावतार महायोगी से मुख्यमंत्री ने की नागरिकों के सुखमय जीवन की मंगलकामना
अगली ख़बर कांकेर में टैक्सी नाले में गिरने से दो लोगों की मौत कांकेर में टैक्सी नाले में गिरने से दो लोगों की मौत

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?