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Home - भोपाल - मध्यप्रदेश के 22 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, मंदसौर में सबसे कम 2.9 डिग्री

मध्यप्रदेश के 22 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, मंदसौर में सबसे कम 2.9 डिग्री

UB News Network
Last updated: दिसम्बर 29, 2025 8:34 पूर्वाह्न
By : UB News Network
Published on : 4 महीना पहले
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भोपाल
 मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मंदसौर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, रीवा समेत कई जिलों में सुबह और रात के समय जबरदस्त ठंड महसूस की जा रही है।

 मंदसौर सबसे ठंडा, भोपाल में 4.6 डिग्री तक लुढ़का पारा

प्रदेश में बीती रात सबसे कम तापमान मंदसौर में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 3.1 डिग्री, राजगढ़ में 3.8 डिग्री और पचमढ़ी में 4.8 डिग्री रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री तक गिर गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। ग्वालियर, इंदौर सहित करीब 30 शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा।

कोहरे का कहर, रेल यातायात प्रभावित

सुबह घने कोहरे ने दृश्यता बेहद कम कर दी, जिससे दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और अन्य प्रमुख ट्रेनों की समय-सारिणी बिगड़ गई। यात्रियों को ठंड के साथ लंबे इंतजार की मार झेलनी पड़ी। उत्तरी जिलों जैसे ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में कोहरा सबसे घना रहा।

 शीतलहर का अलर्ट, सर्द हवाएं तेज

मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, मंदसौर सहित कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई पर तेज जेट स्ट्रीम के कारण सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडक बनी हुई है।

 पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 दिसंबर के आसपास पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। जेट स्ट्रीम की तेज रफ्तार ठंड को और गहरा कर रही है, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट संभव है।

लोगों के लिए सलाह

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और बुजर्गों-बच्चों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से बचाव के लिए गरम पेय और हीटर का इस्तेमाल करें।

प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें 4 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं।

मौसम विभाग ने बताया कि ऊपरी वायुमंडल में जेट स्ट्रीम की रफ्तार 213 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जिससे ठंडी हवाएं और तेज हो गई हैं। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा।

इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है।

ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं।

इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड?

मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी

    ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।

    भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।

    सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।

    जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

उत्तर भारत में शीतलहर-कोहरे का कहर, नए साल पर कैसा रहेगा मौसम?

श्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से पूरा उत्तर भारत घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे। रेल और वायु यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा। लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं। विमानों का परिचालन भी प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 दिसंबर तक मौसम का रुख लगातार सर्द होगा जबकि नए साल के पहले दिन से दिन के तापमान वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को एक जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

यह आदेश आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड समेत सभी बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा। अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतलहर के मद्देनजर सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करें। सभी जिलों में जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त संख्या में कंबल और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोई भी व्यक्ति खुले में सोने को मजबूर न हो। इसके लिए रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे गर्म बिस्तर, स्वच्छता, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएं।

पूरे उत्तर भारत में ठंड का कहर

बिहार में पटना का न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना में सुबह के समय सौ मीटर की दृश्यता एवं 50 मीटर के साथ गयाजी में सबसे कम दृश्यता दर्ज हुई। छपरा, फारबिसगंज, बक्सर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा।

राजस्थान के आधा दर्जन से अधिक जिलों में रात का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। फतेहपुर में रात का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

पंजाब के जिलों में न्यूनतम तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। फरीदकोट का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में रविवार को न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो पिछले दिन की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस कम है। सुबह आठ बजे सफदरजंग में दृश्यता मात्र 100 मीटर रही।

बहुत खराब श्रेणी में रहा एक्यूआई

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के नजदीक पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार को राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 390 यानी बहुत खराब श्रेणी में रहा।

सीपीसीबी के समीर एप पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 40 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 19 में एक्यूआई 400 से अधिक यानी गंभीर श्रेणी में रहा। आनंद विहार में सबसे अधिक 457 का एक्यूआई दर्ज किया गया है। शेष 21 केंद्रों में एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुआ।

घंटों देरी से चल रही हैं ट्रेनें

कोहरे के कारण ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। उत्तर प्रदेश में अधिकांश ट्रेनें 18 घंटे तक देरी से चल रही है। इनमें वंदेभारत, राजधानी एक्सप्रेस भी शामिल हैं। पटना से होकर गुजरने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें आधे घंटे लेकर 17 घंटे तक विलंब रहीं। आगरा में कोहरे के चलते रेलवे का संचालन आटोमेटिक सिगनलिंग प्रणाली के बदले सेमी ऑटोमेटिक प्रणाली से किया गया।

सेमी ऑटोमेटिक सिगनलिंग प्रणाली में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के मध्य में सिर्फ एक ही ट्रेन होती है, वहीं ऑटोमेटिक सिगनलिंग प्रणाली में दो से तीन किलोमीटर के अंतराल में ट्रेनों का संचालन किया जाता है।

आइजीआई पर इंडिगो की 13 उड़ानें रद, 100 से अधिक विलंबित

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आइजीआइ) हवाई अड्डे पर दृश्यता 800 मीटर थी। इस कारण इंडिगो एयरलाइंस को 13 उड़ानें रद करनी पड़ीं, वहीं 100 से अधिक उड़ानें विलंबित रहीं। बता दें कि इंडिगो एयरलाइंस द्वारा रद की गईं 13 उड़ानों में से 11 पहले से ही शेड्यूल्ड थीं। कोहरे की वजह से उड़ानों में देरी का समय न्यूनतम 15 मिनट से लेकर अधिकतम चार घंटे तक दर्ज किया गया।

शनिवार देर रात करीब एक बजे दुबई से अमृतसर आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान को रद कर दिया गया। पटना एयरपोर्ट से इंडिगो की कोलकाता-पटना-कोलकाता फ्लाइट रद रही, जबकि 12 फ्लाइट का परिचालन एक घंटे तक विलंबित रहा।

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