शनिवार, अप्रैल 18, 2026

विज्ञापन के लिए संपर्क करें

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Reading: नेपाल बना बीजिंग की कठपुतली? तिब्बतियों की निगरानी के लिए लगाए गए सीक्रेट कैमरे
Font ResizerAa
Notification
उदय बुलेटिन
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Search
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • खेल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • मनोरंजन
  • धर्म
Follow US
© 2024. All Rights Reserved.

Home - देश - नेपाल बना बीजिंग की कठपुतली? तिब्बतियों की निगरानी के लिए लगाए गए सीक्रेट कैमरे

नेपाल बना बीजिंग की कठपुतली? तिब्बतियों की निगरानी के लिए लगाए गए सीक्रेट कैमरे

UB News Network
Last updated: दिसम्बर 27, 2025 2:02 अपराह्न
By : UB News Network
Published on : 4 महीना पहले
नेपाल बना बीजिंग की कठपुतली? तिब्बतियों की निगरानी के लिए लगाए गए सीक्रेट कैमरे
साझा करें

चीन
चीन ने अपनी निगरानी और दमन नीति को सीमाओं से बाहर फैलाते हुए नेपाल में तिब्बतियों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए अमेरिकी तकनीक से लैस सर्विलांस कैमरे स्थापित किए हैं। नेपाल से सामने आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, काठमांडू और सीमा क्षेत्रों में गुप्त कैमरे बड़ी संख्या में लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य सुरक्षा नहीं बल्कि तिब्बती समुदाय की निगरानी बताया जा रहा है। तिब्बती संसद-इन-एग्ज़ाइल की उपाध्यक्ष डोल्मा त्सेरिंग ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ये कैमरे तिब्बतियों को मानवाधिकार प्रदर्शनों में हिस्सा लेने, चीन में हो रहे अत्याचारों पर बोलने और स्वतंत्र आवाज़ उठाने से डराने का जरिया बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि ल्हासा में घरों की खिड़कियों से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरे हैं, जो चीन की दमनकारी नीति को दर्शाता है। डोल्मा त्सेरिंग ने आरोप लगाया कि नेपाल सरकार चीन के दबाव में आकर तिब्बतियों की आवाजाही सीमित कर रही है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से इस “सीमापार आक्रामकता” पर संज्ञान लेने और कार्रवाई की मांग की। उनके मुताबिक, पहले नेपाल तिब्बती शरणार्थियों के लिए सुरक्षित मार्ग था, लेकिन अब वहां से भारत और अन्य देशों तक पहुंच लगभग ठप हो गई है।
 
तिब्बती संसद सदस्य ल्हा ग्यारी नामग्याल डोलकर ने भी चिंता जताते हुए कहा कि चीन ने निगरानी तकनीक को वैश्विक स्तर पर तिब्बतियों, उइगरों, मंगोलियनों और हांगकांग वासियों को दबाने के हथियार में बदल दिया है। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों से भी सवाल किया कि उनकी तकनीक का इस्तेमाल मानवाधिकार हनन के लिए हो रहा है। तिब्बती नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ध्यान नहीं दिया, तो चीन की यह नीति क्षेत्रीय संप्रभुता और भारत सहित पड़ोसी देशों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है।

 

TAGGED:International NewsTibetans
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर आलू की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट से हाहाकार, हरियाणा के किसान संकट में; BKU ने आलू की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट से हाहाकार, हरियाणा के किसान संकट में; BKU ने
अगली ख़बर पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह के 359वें प्रकाश पर्व में शामिल हुए CM नीतीश, लि पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह के 359वें प्रकाश पर्व में शामिल हुए CM नीतीश, लि

ये भी पढ़ें

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आ

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

पंजाब सरकार चलाने के आरोपों पर बोले संजय सिंह—क्या उन्हें हक नहीं कि…?

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

टेंडर विवाद बना हिंसा की वजह: सतना में गोली चली, मारपीट का वीडियो CCTV में कैद

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालु

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

सोने की आड़ में करोड़ों की ठगी! रान्या राव की हैरान कर देने वाली कहानी

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in Whatsapp Telegram-plane
Uday Bulletin Logo
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?